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Mujhse Bura Koi Nahi ( मुझसे बुरा कोई नहीं )

Author: सुरेन्द्र मोहन पाठक

Hindi

140

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सुरेन्द्र मोहन पाठक को हिन्दी का सर्वश्रेष्ठ मिस्ट्री राइटर माना गया है। अब तक उनके लगभग तीन सौ उपन्यास प्रकाशित हो चुके हैं। सन 1959 में उनकी पहली रहस्यकथा ‘सत्तावन साल पुराना आदमी’ मनोहर कहानियाँ में प्रकाशित हुई थी, तदोपरान्त उनकी कई कहानियाँ विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं। सन 1963 में उनका पहला जासूसी उपन्यास पुराने गुनाह नये गुनहगार प्रकाशित हुआ। उसके बाद से अब तक उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पैंसठ लाख की डकैती, मीना मर्डर केस, हारजीत, कागज की नाव, कोलाबा कांस्पीरेसी उनके बहुत प्रसिद्ध उपन्यास हैं और ‘विमल सीरीज़’ सर्वाधिक लोकप्रिय सीरीज़ है जिसमें उन्होंने 42 उपन्यास लिखे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने जेम्स हेडली चेज और मारियो पूज़ो के उपन्यासों का हिन्दी में अनुवाद किया और साथ-साथ इण्डियन टेलिफोन इण्डस्ट्रीज, नई दिल्ली की फुल टाइम सरकारी नौकरी भी की।

  • Release Date:
  • Book Size: 605 KB
  • Language: Hindi
  • Category: SMP Thrillers
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  • 2017-04-25 21:24:14.0

    Prashant P


    Job.~

    ✅JOB✅JOB✅  Digital India        10000 15000     JOB  9⃣4⃣1⃣0⃣1⃣6⃣6⃣7⃣0⃣5⃣  Whatsapp 

  • 2017-04-24 17:22:42.0

    V S L SHRIVASTAVA


    प्रशंसनीय.

    उपन्यास की कहानी जिस प्रकार से चरम बिन्दु पर पहुंची थी उस प्रकार से उत्कंठा का शमन करने के बजाय उसे अपूर्ण शीर्ष पर लाकर अतृप्त अवस्था में छोड़ कर संभवतः अगले लक्ष्य का पूर्वाभास कराती हुई अदृश्य हो गई.

  • 2017-04-08 14:46:33.0

    Abhishek Barnwal


  • 2017-04-03 22:33:12.0

    GULAB PATEL


  • 2017-03-25 13:01:06.0

    Mazhar Ansari


  • 2017-03-22 06:07:28.0

    Khilan Jerath


  • 2017-03-17 17:57:24.0

    mazid ansari


  • 2017-03-01 08:09:26.0

    Harmindersaini Hero


    Dodi

  • 2017-02-22 22:26:45.0

    viru


  • 2017-02-15 14:48:54.0

    Pratish Shetty


  • 2017-02-13 23:33:33.0

    abhinav


  • 2017-02-12 16:23:33.0

    santosh


  • 2017-02-10 22:08:27.0

    Jatin Kumar


  • 2017-02-05 18:37:38.0

    Ritesh


  • 2017-02-03 22:17:36.0

    vivek chahal


  • 2017-02-02 10:57:48.0

    Jaish Bahadur Singh


    पढ़ने को ही नहीं मिल रहा है

                    

  • 2017-01-31 13:11:42.0

    Manish Aeron


  • 2017-01-22 15:25:28.0

    Manoj Diwedi


    Ok

    Good

  • 2017-01-19 22:11:34.0

    Sagar Kumar Dishoriya


  • 2017-01-09 10:52:10.0

    Ashutosh


  • 2017-01-01 14:06:04.0

    jeet arora


    Great story

  • 2016-12-18 00:34:00.0

    Prashant


  • 2016-12-08 23:51:11.0

    Ashish Rai


  • 2016-12-03 13:35:43.0

    anup


    Superrrb climax

  • 2016-11-28 19:01:47.0

    Yogesh


  • 2016-11-26 18:17:48.0

    Ajay Tigga


  • 2016-11-08 06:23:23.0

    Veerender Singh


  • 2016-11-05 21:58:46.0

    madhav kishore


    Wow

  • 2016-11-05 21:48:50.0

    Divyesh Shah


  • 2016-10-19 12:37:34.0

    Chunnu Aggrwal


  • 2016-10-16 15:12:33.0

    Rajeev Singh


  • 2016-10-14 22:17:28.0

    Rakesh Pathak


  • 2016-10-12 18:08:17.0

    Manish Srivastava


  • 2016-09-07 11:36:52.0

    Rakesh Kumar


  • 2016-07-18 21:41:56.0

    Shalabh


  • 2016-07-15 23:56:58.0

    monu gautam


  • 2016-07-10 11:54:03.0

    Pramod Mishra


    Nice story, best climax, all things in one place. Only one things need to update that pages are not in serial number wise.

  • 2016-06-26 06:43:43.0

    Gurpreet singh


  • 2016-06-21 17:10:32.0

    Gurvinder


  • 2016-06-18 12:45:04.0

    Kumar Manish


  • 2016-06-18 11:32:47.0

    Ajay Singhal


  • 2016-06-17 00:44:03.0

    Rajan patil


    Pages are not in sequence please arrange them at earliest possible date

  • 2016-06-16 16:31:56.0

    uttam kumar


    Where is first part? Also pages are not in proper order.

  • 2016-06-16 01:24:15.0

    Priyendra Verma


    अजीमाेशान शाहकार... बहुत बहुत बेहतरीन ..... पाठक साहब की कलम से निकला बेहतरीन नायाब शाहकार....

  • 2016-06-15 19:06:53.0

    saurabh


  • 2016-06-15 00:44:20.0

    ????? ????


  • 2016-06-14 23:07:41.0

    Rajiv Khare


  • 2016-06-14 18:57:49.0

    snehapathak


  • 2016-06-14 11:39:35.0

    Sunil Bhatia


    Ultimate noval

  • 2016-06-14 09:53:35.0

    indrajit


    very good. pathak sir please upload jurrat and khota sikka.

  • 2016-06-14 00:43:39.0

    Nilesh Dholakiya


  • 2016-06-13 22:49:49.0

    Rajiv Ranjan Sinha


  • 2016-06-13 21:49:36.0

    Adityadev Singh Chauhan


    अव्यवस्थित

    पुस्तक की कम्पोजिंग बहुत ही ख़राब है।पीछे का घटनाक्रम आगे तथा आगे का घटनाक्रम पीछे पढ़ने को मिल रहा है।मेरी अन्य पाठकों को सलाह है की पुस्तक बुक स्टोर से खरीद कर पढ़ें।

  • 2016-06-13 19:29:50.0

    Durgesh Rastogi


    Bdhiya

  • 2016-06-13 19:11:35.0

    Ishita


    Good book

    No wonder Pathak sir is called master of hindi crime writing!

  • 2016-06-13 13:46:33.0

    Rajinder kumar


    Very Best

    The very best from Pathak sir but why didn't newshunt uploaded the first part " Mujhse bura kaun as well"?

  • 2016-06-13 09:02:18.0

    deepak luna


  • 2016-06-12 22:33:47.0

    Hareesh Gupta


  • 2016-06-12 18:37:25.0

    Rajesh Parashar


  • 2016-06-12 17:15:08.0

    RAVI kumar


  • 2016-06-12 00:58:27.0

    gopal


    अद्भुत !

    लाज़वाब ! कोई मुकाबला नहीं। पाठक साहब अपने पूरे शबाब पर। शुक्रिया सर !!

  • 2016-06-12 00:14:24.0

    gopal pandia


    Very nice

    Very nice





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