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यूरोपीय संघ का तालिबान पर बड़ा कूटनीतिक प्रहार, पाकिस्तान के 'डिफेंस राइट' को दी हरी झंडी, सहम उठेगा काबुल!

यूरोपीय संघ का तालिबान पर बड़ा कूटनीतिक प्रहार, पाकिस्तान के 'डिफेंस राइट' को दी हरी झंडी, सहम उठेगा काबुल!

यूरोपीय यूनियन (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की मुलाकात हुई. इस दौरान सोमवार (1 जून 2026) को द्विपक्षीय रणनीतिक वार्ता, ट्रेड समेत कई मुद्दों पर बात हुई. एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कल्लास ने कहा कि पाकिस्तान एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति है और यूरोपीय संघ के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार है.

पाकिस्तान को अपनी रक्षा का अधिकार: EU

काजा कल्लास ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार पाकिस्तान को अपनी और अपने लोगों की रक्षा का अधिकार है. EU की विदेश नीति प्रमुख का ये बयान इसलिए भी विवादित माना जा रहा है क्योंकि पाकिस्तान लगातार भारत के खिलाफ आतंकवादियों को बढ़ावा और शरण देता रहा है. पिछले साल भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर किया और पाकिस्तान-PoK स्थित कई आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच 4 दिनों तक जंग हुई थी.

काजा कल्लास ने अपने भाषण में पाकिस्तान-अफगानिस्तान जंग का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान इस समय अफगानिस्तान के साथ जंग में उलझा हुआ है. हाल के महीनों में हुए कई जंग के गंभीर मानवीय परिणाम हुए हैं, जिससे अस्थिरता-कट्टरपंथ के और बढ़ने का खतरा है. यही वजह है कि हमने लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील है. डायलॉग से ही शांति की स्थिति बहाल की जा सकती है.'

ईरान-अमेरिका जंग को लेकर EU का बयान

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के समर्थन से अब सीजफायर को बढ़ाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए एक नाजुक राजनयिक अवसर मौजूद है. इसके बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी अस्थायी समझौते के बाद ईरान के परमाणु भंडार और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन बातचीत होनी चाहिए. यूरोपीय यूनियन एक स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान में योगदान देने के लिए तैयार है.'

काजा कल्लास ने कहा, 'यूरोपीय यूनियन आज भी पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन है. असल में यह चीन और अमेरिका दोनों को मिलाकर भी उससे बड़ा है. पाकिस्तान EU की व्यापार प्राथमिकताओं की योजना GSP+ का दुनिया में सबसे बड़ा लाभार्थी है. हम जलवायु परिवर्तन से निपटने (क्लाइमेट रेजिलिएंस), डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, माइग्रेशन और मोबिलिटी सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं.'

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