हमारे देश में कुछ ब्रांड ऐसे हुए जो सिर्फ ब्रांड नहीं रहे, बल्कि उन चीजों की पहचान बन गए. ऐसा ही एक ब्रांड है टाटा का टाइटन, ये सीरीज आपको इस ब्रांड के बनने की कहानी बताती है और इस तरह से बताती है कि आप समझते हैं कि बड़े बड़े ब्रांड यूं ही नहीं बन जाते.
उनके पीछे किस तरह की मेहनत, किस तरह के एक्सपर्ट्स सालों साल लगे रहते हैं. ये कहानी आपको काफी कुछ सिखा कर जाएगी, काफी कुछ देकर जाएगी और आपको एक नया हौसला भी देगी.
कहानी
एक वक्त था जब जेआरडी टाटा से विदेश में किसी ने कह दिया था कि इंडियन्स घड़ियां नहीं बना सकते, बस ये बात उनके दिल पर लग गई और उन्होंने सोचा कि वो सिर्फ हिंदुस्तान की नहीं बल्कि दुनिया की सबसे अच्छी घड़ी बनाएंगे. लेकिन सोचने और करने में फर्क होता है, सपने देखने और सपनों को सच करने के बीच की जो दूरी होती है वो आसान नहीं होती. ये सीरीज उसी दूरी को तय करती है और जिस तरह से करती है वो काबिले तारीफ है.
कैसी है सीरीज
ये एक शानदार सीरीज है, हैरानी है कि ये सीरीज एमएक्स प्लेयर पर आई है. अमेजन के मेन प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर नहीं जबकि ये वहां आनी चाहिए थी. ये सीरीज इस साल आई सबसे कमाल की सीरीज में से एक तो है ही, वेब सीरीज की दुनिया में भी इसे याद रखा जाएगा. ये सीरीज काफी कुछ बताती है, ना सिर्फ टाइटन के बारे में बल्कि जिंदगी के बारे में, कैसे बड़े बड़े लोग मिसाल बनने से पहले कई बार हौसला हारते हैं, कैसे बड़े बड़े ब्रांड्स उतना बड़ा बनने से पहले हाशिए पर भी चलते जाते हैं. पहले सीन से ये सीरीज आपको ऐसा बांधती है कि फिर इसके 6 एपिसोड देखकर ही उठेंगे आप. हर सीन में एक नई चीज, हर सीन में एक नई कहानी, सीरीज में जिस तरह से पुराने गानों का इस्तेमाल किया गया है और कुछ असली शॉट्स दिखाए गए हैं वो वाकई में बहुत जबरदस्त लगते हैं. ये एक ब्रांड के साथ साथ एक टीम के बनने की कहानी है. कई बार हमें लगता है कि हमारी जगह कोई दूसरा कैसे ले सकता है और ये असुरक्षा हम सबके अंदर होती है. ये सीरीज उस बात को भी समझाती है, कई बार हम सबकुछ करते हैं लेकिन नतीजे नहीं आते. ये सीरीज उस बात को भी समझाती है, ये सीरीज आपको काफी सारे लाइफ लैसन देगी. आप सिर्फ एक ब्रांड के बनने की कहानी ही नहीं जानेंगे, आप खुद भी कुछ बनने की कहानी लिख सकते हैं. लगभग 50-50 मिनट के 6 एपिसोड्स में इतना कुछ है कि आप बहुत कुछ साथ लेकर जाएंगे.
एक्टिंग
इस सीरीज के सारे एक्टर कमाल हैं, वो आपको उस दौर में ले जाते हैं जब टाइटन ब्रांड बन रहा था. नसीरुद्दीन शाह जेआरडी टाटा ही लगते हैं, वो वैसे भी कमाल के एक्टर हैं और उनकी एक्टिंग को क्या ही रिव्यू किया जाएगा. यहां भी वो किरदार जी गए हैं, जिम सर्ब ने xerxes desai के किरदार को जिस तरह से निभाया है वो इस सीरीज की जान हैं. देसाई साहब ने ही असल में टाइटन को टाइटन बनाया था और जिम का काम वाकई जानदार हैं.vaibhav tatwawadi ने देसाई के सहयोगी आकाश के किरदार में कमाल कर दिया है. जॉय सेनगुप्ता भी एसके गोपालन ही लगते हैं, विराफ पटेल ने काफी अच्छा अभिनय किया है, नमिता दुबे बहुत अच्छी लगी हैं.
राइटिंग और डायरेक्शन
niraj dasa,kandarp shroff,vinay kamath और karan vyas ने कहानी लिखी है और कहानी इस सीरीज की जान है और इस तरह से ये कहानी लिखी गई है उसने इस कहानी में और कमाल कर दिया है. रॉबी ग्रेवाल का डायरेक्शन बहुत अच्छा है, वो आपको जैसे उस दौर में ही ले जाते हैं.
कुल मिलाकर ये सीरीज हर हाल में देखिए
रेटिंग- 4 स्टार्स
Author : अमित भाटिया

