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आयुष्मान कार्ड धारकों को लगा बड़ा झटका! रातोंरात बदल गए नियम, अब इन लोगों को नहीं मिलेगा ₹5 लाख का मुफ्त इलाज

आयुष्मान कार्ड धारकों को लगा बड़ा झटका! रातोंरात बदल गए नियम, अब इन लोगों को नहीं मिलेगा ₹5 लाख का मुफ्त इलाज

UPUK Live 3 months ago

खनऊ। अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है या आप नया कार्ड बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के नियमों में अचानक बड़ा बदलाव कर दिया है।

अब नए आयुष्मान कार्ड केवल तभी बनेंगे जब आपकी आधार ई-केवाईसी (Aadhar e-KYC) प्रक्रिया पूरी होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने इसके लिए नया सिस्टम 'BIS-2.0' लागू कर दिया है, जिससे अब बिना आधार वेरिफिकेशन के कार्ड बनना मुमकिन नहीं होगा।

नए सदस्य जोड़ने पर लगी पाबंदी

सरकार ने इस बदलाव के साथ ही एक और कड़ा कदम उठाया है। अब आयुष्मान कार्ड में नए सदस्यों (Add Member) को जोड़ने का विकल्प लगभग खत्म कर दिया गया है। साचीज (SACHIS) की सीईओ अर्चना वर्मा के मुताबिक, अब केवल उन्हीं परिवारों में नए सदस्य जोड़े जा सकेंगे जो SECC-2011 के डेटा के तहत बचे हुए हैं। आम लोगों के लिए अब मनमर्जी से कार्ड में नाम जुड़वाना संभव नहीं होगा।

AI की नजर में संदिग्ध कार्ड

फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का सहारा लिया जा रहा है। NHA की यह विशेष तकनीक संदिग्ध कार्डों की पहचान खुद-ब-खुद कर लेती है। जैसे ही कोई कार्ड संदिग्ध पाया जाता है, सिस्टम तुरंत उस पर मिलने वाले मुफ्त इलाज को रोक देता है। इसके बाद ऑडिटर्स उस कार्ड की बारीकी से जांच करते हैं और सही पाए जाने पर ही उसे दोबारा एक्टिव किया जाता है।

हजारों कार्डों की जांच शुरू

आंकड़ों की बात करें तो साल 2018 से अब तक बने कार्डों में से करीब 61,932 कार्डों को संदिग्ध माना गया है। इनमें से 48,435 कार्डों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स द्वारा किया जा रहा है। प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इन संदिग्ध कार्डों की लिस्ट सौंप दी है और कड़ी जांच के आदेश दिए हैं। हाल ही में इस प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने पर एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद एक कर्मचारी को हटाया भी गया है।

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