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SCSS vs Senior Citizen FD: ब्याज, टैक्स और सुरक्षा में कौन आगे? जानें रिटायरमेंट के बाद निवेश के लिए कौन सी स्कीम है बेस्ट

SCSS vs Senior Citizen FD: ब्याज, टैक्स और सुरक्षा में कौन आगे? जानें रिटायरमेंट के बाद निवेश के लिए कौन सी स्कीम है बेस्ट

Zee Business Hindi 3 months ago

ब नियमित आमदनी बंद हो जाती है, तब निवेश ही 'मासिक पेंशन' का काम करता है. इसलिए रिटायरमेंट के बाद फैसला सोच-समझकर करना जरूरी है. इस समय दो विकल्प सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं -

  • Senior Citizens Savings Scheme (SCSS)
  • Senior Citizen Fixed Deposit (FD)

आइए दोनों को आसान भाषा में समझते हैं.

क्या है SCSS?

Senior Citizens Savings Scheme (SCSS) केंद्र सरकार की खास योजना है, जो 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है. इसकी खास बातें:

  • ब्याज दर: 8.2% सालाना (वर्तमान)
  • अवधि: 5 साल (3 साल का विस्तार संभव)
  • अधिकतम निवेश: 30 लाख रुपये
  • ब्याज भुगतान: हर तीन महीने
  • 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट

यह योजना पूरी तरह से भारत सरकार की गारंटी के साथ आती है. इसलिए इसे बेहद सुरक्षित माना जाता है.

ये भी पढ़ें: NPS Investment: 1 लाख पेंशन के साथ 2.5 करोड़ का एकमुश्त फंड, एनपीएस के इस ऑप्शन से होगा बड़ा फायदा

सीनियर सिटीजन FD में क्या है सुविधा?

सीनियर सिटीजन FD किसी भी बैंक में खोली जा सकती है. इसमें सामान्य FD से 0.25% से 0.75% तक ज्यादा ब्याज मिलता है. सीनियर सिटीजन के लिए कुछ प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें लगभग 7.10% हैं. वहीं छोटे फाइनेंस बैंक 8% के आसपास ब्याज दर दे रहे हैं.

SCSS vs FD: तुलना एक नजर में

आधार SCSSसीनियर FD
ब्याज दर8.2% (फिक्स)6.5%-8% (बैंक पर निर्भर)
गारंटी भारत सरकार DICGC बीमा 5 लाख तक
अवधि5 साल (3 साल विस्तार)7 दिन से 10 साल तक
टैक्स लाभ80C में छूटकेवल 5 साल टैक्स FD में
ब्याज भुगतान तिमाहीमासिक/तिमाही/मैच्योरिटी

सुरक्षा कहां ज्यादा?

SCSS में निवेश पूरी तरह सरकार द्वारा समर्थित है. वहीं FD में DICGC बीमा के तहत केवल 5 लाख रुपये तक की सुरक्षा मिलती है. अगर कोई रिटायर्ड व्यक्ति 20-25 लाख रुपये निवेश करना चाहता है, तो SCSS अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाएगा.

टैक्स का गणित समझिए

  • SCSS में निवेश करने पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है. हालांकि ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल है.
  • FD में भी ब्याज टैक्सेबल है. लेकिन सिर्फ 5 साल की टैक्स-सेविंग FD में ही 80C का लाभ मिलता है. बाकी FD में ऐसा नहीं है.

किसे क्या चुनना चाहिए?

SCSS बेहतर है अगर:

  • आप 60+ हैं
  • लंबी अवधि के लिए सुरक्षित आय चाहते हैं
  • तिमाही नियमित ब्याज चाहिए
  • टैक्स बचत भी चाहते हैं

FD बेहतर है अगर:

  • आपको फ्लेक्सिबल अवधि चाहिए
  • कभी भी पैसा तोड़ने की सुविधा चाहते हैं
  • छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश करना चाहते हैं
  • किसी खास बैंक पर भरोसा है

संतुलन ही समझदारी

रिटायरमेंट के बाद निवेश में 'पूरी सुरक्षा' और 'नियमित आय' सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. SCSS इस मामले में थोड़ा आगे दिखाई देता है. लेकिन पूरी रकम एक ही जगह लगाना समझदारी नहीं है.

सबसे अच्छा तरीका हो सकता है, पैसे का एक हिस्सा SCSS में और बाकी FD में. इस तरह आपको सुरक्षा भी मिलेगी और फ्लेक्सीबिलिटी भी.

आपके लिए क्या है मतलब?

SCSS ज्यादा सुरक्षित और बेहतर रिटर्न देता है, जबकि FD अधिक लचीलापन देती है. अपने खर्च, उम्र और जरूरत के हिसाब से संतुलित निवेश ही सही रणनीति है.

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