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ऐन वक्त पर स्पीकर से चलवाए जो इस्तीफों वाला दांव, उससे क्या हासिल किए कमलनाथ ?

भोपाल । मध्यप्रदेश में गत एक हफ्ते से चल रहा राजनीतिक घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिये गये फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश के बाद अपनी अंतिम परिणति पर पहुंच गया है। आज (शुक्रवार को) विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा। इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने गुरुवार को देर रात कांग्रेस से बगावत कर पिछले एक सप्ताह से बेंगलुरु में रह रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिये हैं।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुक्रवार को शाम पांच बजे तक विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश के बाद विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्राजपति गुरुवार को देर रात सीएम हाउस पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री कमलनाथ से लम्बी बातचीत के बाद उन्होंने कांग्रस से बगावत कर विभिन्न माध्यम से अपने इस्तीफे भेजने वाले 16 कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे भी स्वीकार कर लिये। इनमें सुरेश धाकड़, रक्षा संतराम सरोनिया, जजपाल सिंह जज्जी, विजेंद्र सिंह, रघुराज कंसाना, ओपीएस भदौरिया, मुन्नालाल गोयल, गिर्राज दंडोतिया, कमलेश जाटव, रणवीर सिंह जाटव, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग और मनोज चौधरी ,एन्दल सिह कंसाना, बिसाहू लाल सिंह शामिल हैं। ये सभी कांग्रेस के बागी विधायक पिछले कई दिनों से बेंगलुरू में डेरा डाले हुए हैं।

गौरतलब है कि कमलनाथ सरकार में छह मंत्रियों समेत कुल 22 विधायक करीब 15 दिन से बेंगलुरु में ठहरे हुए हैं और वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। इन लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे विधानसभा अध्यक्ष को भेजे थे। इनमें से छह मंत्रियों के इस्तीफे तो विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार कर लिये गये थे, लेकिन 16 विधायकों के इस्तीफों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। उम्मीद थी कि ये विधायक फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस का साथ दे सकते हैं। इन विधायकों को वापस लाने के लिये पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह गुरुवार देर रात तक बेंगलुरू में ही थे। कई कोशिशों के बाद भी उनका विधायकों से संपर्क नहीं हो पाया। इधर, भोपाल में विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने गुरुवार को देर रात सीएम कमलनाथ से मुलाकात के बाद इन विधायकों के इस्तीफे भी मंजूर कर लिये।

अब शुक्रवार को होने वाले फ्लोर टेस्ट में अल्पमत के संकट से जूझ रही कमलनाथ सरकार का जाना लगभग तय हो गया है। इसीलिए फ्लोर टेस्ट से पहले शुक्रवार को ही दोपहर 12 बजे सीएम कमलनाथ ने प्रेस वार्ता बुलाई है। संभावना जताई जा रही है कि वे इस दौरान अपना इस्तीफा भी दे सकते हैं।

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