Friday, 22 Jan, 2.03 am पीपुल्स समाचार

भोपाल
62% लोग अब भी नहीं लगवाना चाहते टीका, साइड इफेक्ट का डर बड़ा कारण

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने 16 जनवरी को भारत में दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की है। पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जा रही है। इसबीच अक्टूबर 2020 से सर्वे एजेंसी लोकल सर्किल्स कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों की राय ले रहे ही, ताकि पता चल सके कि कितने लोग अभी वैक्सीन लेने में संदेह कर रहे हैं। इस माह भी वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद लोकल सर्किल्स ने सर्वे कर दावा किया है कि अभी भी 62% लोगों में तुरंत वैक्सीन लगवाने को लेकर हिचकिचाहट है। सर्वे में देश के 230 जिलों से 17 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें 67% पुरुष और 33% महिलाएं थीं। यह सर्वे इसलिए किया गया ताकि यह पता लग सके कि कितने लोग वैक्सीन को लेकर अब सहज हैं।

सवाल क्या कोरोना वैक्सीन लेंगे ?

32% लोगों ने कहा कि वे वैक्सीन लेने के लिए तैयार हैं। 6% लोगों ने कहा कि प्राइवेट अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध होने पर वे लगवा लेंगे। 22% लोगों ने कहा कि वे तीन महीने के इंतजार के बाद वैक्सीन पर फैसला करेंगे। 14% लोगों ने कहा कि वे वैक्सीन पर 3-6 महीने के बाद फैसला करेंगे। 14%ने कहा कि वैक्सीन 6-12 महीने बाद फैसला करेंगे। 3% लोगों ने कहा कि वे 2022 में वैक्सीन पर फैसला करेंगे। 9%लोगों ने कहा कि अभी वैक्सीन लगवाने पर विचार नहीं किया।

निष्कर्ष देश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होने के बाद भी 62%लोगों में वैक्सीन के लिए झिझक साफ बताती है कि टीका लगवाने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है

सवाल वैक्सीन लेने में झिझक क्यों?

59% यानी 8782 लोगों ने कहा कि साइड इफेक्ट पर अनिश्चितता वैक्सीन को लेकर संदेह की मुख्य वजह थी। 18% लोगों ने कहा कि उन्हें वैक्सीन के असर के बारे में जानकारी नहीं है। 5% लोगों ने कहा कि कोरोना वायरस का टीका नए स्ट्रेन से बचा सकता है। 11% लोगों ने कहा कि कोरोना खत्म हो गया है, तब वैक्सीन की क्या जरूरत है। 5% नागरिक मानते हैं कि वर्तमान वैक्सीन भविष्य के कोरोनावायरस दागों से बच सकते हैं। 2% लोग कोई जवाब नहीं सके।

निष्कर्ष कुल मिलाकर लोग देश-दुनियाभर से आ रही वैक्सीन को लेकर निगेटिव खबरों से घबराए हुए हैं, इस कारण जिन्हें कोरोना नहीं हुआ है, ऐसे लोग भी वैक्सीन से दूर भाग रहे हैं।

सवाल साइड इफेक्ट की टेंशन?

58% लोगों ने कहा कि अभी इसके साइड इफेक्ट पूरी तरह पता नहीं हैं, लोगों से सिर्फ सुना ही है कि साइड इफेक्ट हो सकते हैं। 18%लोगों ने कहा कि वैक्सीन कितनी कारगर अभी यह साफ नहीं है। कुछ समय बाद स्थिति साफ होने पर करेंगे आगे विचार। 11% लोगों का मानना है कि वैक्सीन की जरूरत नहीं कोरोना वायरस का संक्रमण बिना वैक्सीन लगाए ही खत्म हो जाएगा। 5% लोगों का कहना है कि वैक्सीन कोरोना के नए स्ट्रेन से बचा सकती है। 8% फीसदी लोग अपनी हिचकिचाहट का कारण नहीं बता पाए।

निष्कर्ष स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोना को रोकने के प्रयास सफल रहे हैं। हालांकि वैक्सीन के लिए अभी तक वैसे प्रयास नहीं हो सके हैं, जिनसे साइड इफेक्ट को लेकर लोगों में फैला संदेह दूर किया जा सके।

अब तक तीन बार हो चुका है सर्वे

􀂄 61%लोगों ने अक्टूबर में हुए सर्वे में वैक्सीन लेने में झिझक दिखाई थी।

􀂄 59%लोगों ने नवंबर में वैक्सीन को लेकर कुछ झिझक कम की।

􀂄 69%लोगों में जनवरी में वैक्सीन को लेकर वापस संदेह बढ़ गया।

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