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चढ़ावा विवाद के बीच ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार

चढ़ावा विवाद के बीच ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार

24Ghante Online 3 months ago

अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में हुए बहुचर्चित चढ़ावा (चंदा) चोरी मामले में आज सोमवार को हुई 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' की उच्च स्तरीय बैठक से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है।

देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और वरिष्ठ ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। चंदा चोरी का मामला उजागर होने के बाद से ही दोनों शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका और प्रशासनिक नियंत्रण पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। विशेष जांच दल (SIT) द्वारा मामले की तफ्तीश शुरू किए जाने के बाद दोनों ने अपने पदों से हटने की पेशकश की थी, जिसे आज बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर मंजूर कर लिया।

यात्री सुविधा केंद्र में आयोजित हुई इस आपातकालीन बैठक में सबसे पहले इसी बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई कि चढ़ावा चोरी के इस प्रकरण से पूरे देश में राम मंदिर और ट्रस्ट की छवि को गहरा धक्का लगा है और बदनामी हो रही है। बैठक की शुरुआत में ही ट्रस्टी दीनेन्द्र दास से स्पष्ट रूप से कहा गया कि एजेंडे के तहत सबसे पहले केवल चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के विषय पर ही निर्णायक चर्चा की जाएगी, और उनका जो भी व्यक्तिगत या अन्य विषय है उस पर बाद में बात होगी। इसी दौरान अंदरूनी खींचतान भी देखने को मिली, जब गोपाल राव ने इस बंद कमरे की मीटिंग में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन उपस्थित सदस्यों ने उन्हें बैठक के भीतर प्रवेश करने से साफ तौर पर रोक दिया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट के संगठनात्मक और प्रशासनिक ढांचे पर भी तीखी बहस हुई। बोर्ड के सदस्यों ने इस बात को रेखांकित किया कि मंदिर परिसर की प्रशासनिक व्यवस्था और हाल के दिनों में जितनी भी नई नियुक्तियां की गई थीं, वे सभी सीधे तौर पर चंपत राय और अनिल मिश्रा के दिशा-निर्देशों और प्रभाव में ही हुई थीं। ऐसे में सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन में हुई इतनी बड़ी चूक के लिए इन दोनों ही शीर्ष पदाधिकारियों को नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी लेनी ही होगी। बैठक में मौजूद स्वामी परमानंद गिरी ने कड़े शब्दों में कहा कि धर्म की रक्षा करना हम सभी का पहला और परम कर्तव्य है। जब करोड़ों लोग अपनी अटूट आस्था से किसी पवित्र स्थान से जुड़ते हैं, तो वहां की छोटी से छोटी व्यवस्था और शुचिता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। चंदा चोरी के इन संगीन आरोपों से पूरा देश आहत है।

ट्रस्ट ने बिना किसी विरोध के पूरी तरह से सर्वसम्मति (Unanimous Decision) से चंपत राय और अनिल मिश्रा को उनके पदों से कार्यमुक्त करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। विशेष बात यह रही कि ये दोनों ही निवर्तमान पदाधिकारी इस निर्णायक बैठक की कार्यवाही में शामिल नहीं थे, और इन्हें बैठक परिसर से बाहर ही रोक दिया गया था। अब इन दोनों के इस्तीफे मंजूर होने के बाद सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रस्ट या सरकार की ओर से इन पर कोई और अनुशासनात्मक या कानूनी एक्शन लिया जाएगा। मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) दोनों पूर्व पदाधिकारियों से पहले ही गहन पूछताछ कर चुकी है, और उनकी जांच अभी भी लगातार जारी है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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