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ममता बनर्जी को बड़ा सियासी झटका, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

ममता बनर्जी को बड़ा सियासी झटका, चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

24Ghante Online 1 week ago

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य (Chandrima Bhattacharya) ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को पत्र लिखकर प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने की जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी और उसकी विभिन्न इकाइयों के बैंक खातों की हस्ताक्षरकर्ता तथा निर्वाचन आयोग के समक्ष पार्टी का प्रतिनिधित्व करने सहित सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से भी स्वयं को मुक्त करने का अनुरोध किया है।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, चंद्रिमा भट्टाचार्य के पुत्र सौरभ बसु के हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के बागी गुट में शामिल होने के बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसी घटनाक्रम के बीच उनके इस्तीफे ने पार्टी की अंदरूनी स्थिति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

इस्तीफे के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें किसी व्यक्ति या नेता से कोई शिकायत नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ परिस्थितियों के कारण उनकी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गए हैं और इसी वजह से उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि वह आगे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में बनी रहेंगी या नहीं।

जब उनसे पूछा गया कि यदि ममता बनर्जी उन्हें दोबारा जिम्मेदारी संभालने के लिए कहेंगी तो क्या वह लौटेंगी, इस पर उन्होंने कहा, "यह लौटने का विषय नहीं है। जब विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग जाता है, तब उस स्थान पर वापस नहीं लौटा जा सकता।"

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पहले तृणमूल कांग्रेस में छोटी-सी गलती पर भी कड़ी कार्रवाई का भय बना रहता था, लेकिन अब वह संस्कृति समाप्त हो चुकी है। उनके अनुसार, इसी कारण कई लोग अब उस व्यवस्था का हिस्सा नहीं रहना चाहते।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि उन्होंने अभी तक चंद्रिमा भट्टाचार्य का इस्तीफा नहीं देखा है। ऐसे में बिना पत्र देखे इस विषय पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

उल्लेखनीय है कि चंद्रिमा भट्टाचार्य को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है। वह राज्य सरकार में वित्त और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री रह चुकी हैं। पार्टी में विभाजन और अंदरूनी खींचतान के बीच तीन जून को ममता बनर्जी ने उन्हें तृणमूल कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया था, लेकिन करीब एक महीने के भीतर ही उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय पर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के कब्जे की घटना सामने आई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि "उन लोगों" ने बागी गुट को पार्टी कार्यालय सौंप दिया। मुख्यमंत्री के इस बयान में प्रयुक्त "उन लोगों" शब्दों को लेकर राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि उनका इशारा अप्रत्यक्ष रूप से चंद्रिमा भट्टाचार्य की ओर था। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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