पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों द्वारा अपने अधिकारों के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का पूर्ण समर्थन करते हुए पूर्व सांसद प्रनीत कौर और भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष जय इंदर कौर ने पंजाब सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की जायज और हक की मांगों का बिना किसी देरी के तुरंत निपटारा किया जाए।
प्रेस को जानकारी देते हुए पूर्व सांसद प्रनीत कौर ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट ने पिछले दिनों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हक में 18 प्रतिशत डी.ए. देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे 15 दिनों के भीतर लागू करने का निर्देश दिया था।
परंतु बड़े आश्चर्य की बात है कि पंजाब सरकार ने अभी तक हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए डी.ए. देने का कोई भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। उन्होंने बताया कि पंजाब देश की एकमात्र ऐसी राज्य सरकार है जहां कर्मचारियों को महज 42% डी.ए. मिल रहा है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों का डी.ए. बढ़कर 60% हो चुका है।
आगे भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष जय इंदर कौर ने कहा कि भगवंत मान सरकार सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से पुरानी पेंशन योजना लागू करने का बड़ा वादा करके मुकर चुकी है। आज तक राज्य के भीतर पुरानी पेंशन लागू नहीं की गई है।
उन्होंने बुजुर्ग पेंशनभोगियों के अधिकारों की वकालत करते हुए कहा कि सरकार छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पेंशनभोगियों को 2.59 के गुणांक के हिसाब से पेंशन देना तुरंत सुनिश्चित करे। अनुबंध कर्मचारियों के भविष्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि पंजाब में लाखों कर्मचारी आज भी ठेकेदारी प्रथा के तहत शोषण का शिकार हो रहे हैं और सरकार उन्हें पक्का करने के लिए कोई ठोस नीति बनाने में नाकाम रही है।
पूर्व सांसद प्रनीत कौर ने सरकार को राज्य पर चढ़े कर्ज के लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराते हुए कहा कि 'आप' सरकार पंजाब के लिए कोई सार्थक राजस्व नीति (रेवेन्यू पॉलिसी) तैयार नहीं कर सकी। इसके विपरीत अपने राजनीतिक हितों के लिए पंजाब के सरकारी खजाने की बेरहमी से बर्बादी की जा रही है।
अंत में पूर्व सांसद प्रनीत कौर और भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष जय इंदर कौर ने स्पष्ट किया कि वे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के इस संघर्ष में उनके साथ चट्टान की तरह डटकर खड़ी हैं और उनके अधिकारों की लड़ाई हर मंच पर लड़ी जाएगी।

