पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने मोहाली नगर निगम चुनावों की प्रक्रिया, विशेषकर मतगणना के दौरान हुई कथित अनियमितताओं को लोकतंत्र पर गंभीर आघात बताते हुए राज्य चुनाव आयोग से वार्ड नंबर 23 के बूथ नंबर 93, वार्ड नंबर 2 के बूथ नंबर 7 और वार्ड नंबर 4 के बूथ नंबर 17 का चुनाव रद्द कर पुनः मतदान करवाने की मांग की है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिद्धू ने आरोप लगाया कि इन बूथों पर मतदान और मतगणना के दौरान गंभीर खामियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि बैलेट बॉक्स से निकली कई मतपत्रों के साथ काउंटरफॉइल (रसीद वाला हिस्सा) भी जुड़ा हुआ मिला, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है और फर्जी मतदान की आशंका को बल देता है।
उन्होंने बताया कि और भी चिंताजनक बात यह थी कि कई काउंटरफॉइलों पर मतदाताओं के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान मौजूद नहीं थे। सिद्धू के अनुसार यह तथ्य चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। सिद्धू ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को छोड़कर बाकी सभी उम्मीदवारों ने रिटर्निंग अधिकारी के पास लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए मतगणना रोकने और परिणाम घोषित न करने की मांग की थी।
इसके बावजूद मतगणना जारी रखी गई तथा रसीद वाले हिस्सों को मतपत्रों से अलग करके गिनती करने के निर्देश दिए गए, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने राज्य चुनाव आयोग से अपील की कि इन बूथों पर चुनाव रद्द कर पुनः मतदान कराया जाए और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
साथ ही यह भी जांच की जाए कि कथित अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद रिटर्निंग अधिकारी ने किस आधार पर मतगणना जारी रखने और परिणाम घोषित करने की अनुमति दी। सिद्धू ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के शुरुआती चरण से ही विपक्षी उम्मीदवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कई स्थानों पर नामांकन दाखिल करने में बाधाएं पैदा की गईं, अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में देरी की गई और बिना उचित कारण कई उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द कर दिए गए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के किए जा रहे दावे इन घटनाओं के मद्देनजर खोखले साबित हुए हैं।
उनके अनुसार कई स्थानों पर फर्जी मतदान और प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए चुनाव परिणामों को प्रभावित किया गया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को इस मामले में तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस अवसर पर हरविंदर सिंह धारीवाल (वार्ड नंबर 2 उम्मीदवार, फेज-6), कुलदीप चंद (सेक्टर-66), रघबीर सिंह (फेज-1), अशोक कोंडल (पूर्व पार्षद), लखबीर सिंह, करमजीत सिंह सिद्धू और सतविंदर सिंह ग्रेवाल भी उपस्थित थे।

