पंजाब सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के विरुद्ध अपनाई गई 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत डिप्टी कमिश्नर मानसा नवजोत कौर ने कचहरी रोड के निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतों का गंभीर नोटिस लिया है।
एक महीना पहले बनी सड़क के टूटने और घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आते ही डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर ने तुरंत एक्शन लेते हुए मामले की तकनीकी जांच के लिए एसडीएम मानसा के नेतृत्व वाली 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर ने स्पष्ट किया कि यह कमेटी मौके पर जाकर सड़क की पैमाइश करेगी और सामग्री की गुणवत्ता परखने के लिए सैंपलिंग व टेस्टिंग करवाएगी। इसके साथ ही डीएनआईटी और टेंडर प्रक्रिया के समस्त रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जाएगी। नगर कौंसिल मानसा के कार्यसाधक अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह सड़क निर्माण से संबंधित सारा रिकॉर्ड तुरंत कमेटी के समक्ष पेश करें।
इस कमेटी में प्रशासनिक और तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है ताकि जांच पारदर्शी हो सके। इस कमेटी में एसडीएम मानसा, निगरानी अभियंता पंजाब मंडी बोर्ड बठिंडा, कार्यकारी अभियंता पंजाब मंडी बोर्ड बठिंडा, कार्यसाधक अधिकारी नगर कौंसिल मानसा और नगर निकाय अभियंता नगर कौंसिल मानसा को शामिल किया गया है।
डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सख्त निर्देश हैं कि विकास कार्यों में खर्च होने वाले जनता के टैक्स के एक-एक पैसे का सही हिसाब रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया सामग्री का उपयोग करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि जांच कमेटी द्वारा संयुक्त रिपोर्ट पेश करने के बाद यदि कोई भी दोषी पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमों के अनुसार सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि प्रशासन शहर निवासियों को मानक सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

