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पंजाब में  पुलिस बल राजनीतिक संरक्षण में नशे के रैकेट को बढ़ावा दे रहा : परमजीत सिंह सन्नी

पंजाब में पुलिस बल राजनीतिक संरक्षण में नशे के रैकेट को बढ़ावा दे रहा : परमजीत सिंह सन्नी

5 Dariya News 5 days ago

शिरोमणी अकाली दल के आरटीआई सेल के चेयरपर्सन परमजीत सिंह सन्नी ने आज कहा है कि पुलिस बल राजनीतिक संरक्षण में पंजाब की जेलों में नशीले पदार्थों के रैकेट को बढ़ावा दे रहा और यह तब साबित हुआ जब आम आदमी पार्टी की सरकार को होशियारपुर में दो जेल अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

आम आदमी पार्टी की सरकार का युद्ध नशों के विरूद्ध अभियान का असली चेहरा दिखाते हुए परमजीत सन्नी ने कहा कि सरकार ने अकेले लुधियाना में इस अभियान के विज्ञापन पर 6.10 लाख करोड़ रूपये खर्च किए हैं, जबकि पंजाब में नशों की होम डिलीवरी की जा रही है। उन्होने आगे कहा,'' होशियारपुर जेल कांड में यह साबित हो चुका है कि कैदियों को नशे की सप्लाई पहुंचाने के लिए जेलर खुद जिम्मेदार था। उन्होने कहा कि सिर्फ इतना ही नही अपराधियों को जेलों में खुली छूट दी गई जिसके कारण राज्य में जबरन वसूली और टारगेट कीलिंग जैसी घटनाएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैैं।''

स. सन्नी ने एक और खुलासा जिसने आम आदमी पार्टी की तथाकथित भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन का पर्दाफाश किया। उन्होने कहा कि आरटीआई के जवाब के अनुसार सरकार ने दावा किया था कि भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन को 2022 से 2026 तक 5.33 लाख शिकायतें मिली थी। उन्होने कहा ,'' इतनी संख्या में शिकायतें मिलने के बावजूद सरकार ने जवाब में बताया कि उसने केवल 1394 केसों में ही कार्रवाई की है।''

उन्होने कहा,'' सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि केवल एक व्यक्ति को दोषी ठहराया गया है और किसी भी विधायक यां मंत्री के खिलाफ भी कोई शिकायत नही मिली है। इससे साबित होता है कि भ्रष्टाचार-विरोधी हेल्पलाइन एक दिखावा है और आम आदमी पार्टी सरकार का भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का कोई इरादा नही है, जैसा कि उसने वादा किया था।''

एक अन्य खुलासा करते हुए स.सन्नी ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक बोर्ड लगाने के लिए करोड़ों रूपये खर्च कर दावा किया कि आप सरकार राज्य में 6000 खेल के मैदानों का निर्माण कर रही है। उन्होने कहा कि आरटीआई के तहत सवाल पूछे जाने पर पता चला कि पिछले साल बजट सत्र में इस मंशा का खुलासा किया गया था और अब भी यह मामला विचाराधीन है। इससे एक बार फिर साबित होता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी उपलब्धियों के बारे झूठी कहानी गढ़ने के लिए सार्वजनिक पैसे का दुरूपयोग कर रही है।''

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