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यूपीसीओएस के शुभारंभ पर सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- श्रम का शोषण न हो, हर पांच साल में मानदेय संशोधन की व्यवस्था

यूपीसीओएस के शुभारंभ पर सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- श्रम का शोषण न हो, हर पांच साल में मानदेय संशोधन की व्यवस्था

5 Dariya News 1 week ago

त्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों के हितों को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के करीब 3.5 से 5 लाख आउटसोर्स कर्मियों को सम्मानजनक मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर सेवा व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

सरकार ने हर पांच साल में मानदेय के पुनरीक्षण की व्यवस्था लागू करने के साथ ही आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया में मनमानी खत्म करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।

लखनऊ में यूपीसीओएस के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं, बल्कि विश्वास का होता है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि कर्मचारी को यह महसूस हो कि उसके बेहतर कार्य का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उसकी समस्याओं को सुनने के लिए प्रभावी तंत्र मौजूद है।

कर्मचारी को यह भरोसा होना चाहिए कि वह अकेला नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों को समय से वेतन मिले, उनकी मेहनत के अनुरूप मानदेय प्राप्त हो और श्रम का सम्मान सुनिश्चित किया जाए। सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है कि ''श्रम का शोषण न हो, अन्याय न हो।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास और प्रगति की जो यात्रा तय की है, उसमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों और श्रमिकों का योगदान रहा है।

चाहे नगर निकायों में काम करने वाले सफाईकर्मी हों या शासन व्यवस्था के अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारी, स्थायी हों या आउटसोर्स, सभी के प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रा आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा के अनुरूप उसे सम्मान मिलना शासन की जिम्मेदारी है। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम इसी गरिमा और गौरव को स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार का प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक भेदभाव को दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव को भी समाप्त करना होगा। जब कोई व्यक्ति काम करता है तो उसे उसकी मेहनत का उचित मानदेय मिलना चाहिए। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में उसे सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षा कवच उपलब्ध होना चाहिए। यूपीसीओएस के माध्यम से आउटसोर्स कर्मियों के लिए मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था को संस्थागत रूप देने का प्रयास किया गया है।

सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें कर्मियों को उनके काम के अनुरूप सम्मान मिले और उनकी सेवा शर्तों में पारदर्शिता बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी का समय केवल कागजों में नहीं व्यतीत होना चाहिए। उसके काम का मूल्यांकन और रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाना चाहिए तथा उसकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारी के हितों के साथ-साथ शासन व्यवस्था की कार्यक्षमता और जवाबदेही को भी मजबूत करना चाहती है। यूपीसीओएस के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों की सेवाओं से जुड़ी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने की दिशा में नई शुरुआत हुई है। सरकार का दावा है कि इससे लाखों आउटसोर्स कर्मियों को लाभ मिलने के साथ नियुक्ति और मानदेय से जुड़ी मनमानी पर भी अंकुश लगेगा।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: 5 Dariya News Hindi