Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
आंदाेलन की उपेक्षा केंद्र काे भारी पड़ेगी

आंदाेलन की उपेक्षा केंद्र काे भारी पड़ेगी

आंदाेलन की उपेक्षा केंद्र सरकार काे भारी पड़ेगी.यह टिप्पणी रविवार काे काॅकराेच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया. उन्हाेंने माेदी काे खुली चिट्ठी लिखकर आगाह भी किया.उन्हाेंने कहा- जंतर-मंतर पर आंदाेलन के 16वें दिन के बाद भी आपकी (पीएम माेदी) चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है.

उन्हाेंने कहा- वांगचुक सहित भूख हड़ताल बैठे लाेगाें का स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है. काेई पूछने तक नहीं आ रहा है. पेपर लीक के बाद अब तक 29 युवाओं की माैत के बाद भी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न देना बहुत ही आश्चर्यजनक है.इस आंदाेलन का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जाने-माने साेशल ए्निटविस्ट साेनम वांगचुक समेत 25 अन्य प्रदर्शनकारी पिछले आठ दिनाें से अनवरत भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं.

इतने दिन बीत जाने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक काेई सकारात्मक पहल देखने काे नहीं मिली है, जिससे आंदाेलनकारियाें काहाैसला टूटने के बजाय गुस्सा बढ़ता जा रहा है. संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी काे एक ओपेन लेटर लिखकर सरकार की इस रहस्यमयी चुप्पी पर कड़े सवाल खड़े किए हैं और छात्राें के हित में इस मामले में तुरंत संवेदनशील हस्तक्षेप की मांग की है.दीपके ने 4 जुलाई 2026 काे लिखे इस पत्र में बेहद झकझाेरने वाले आंकड़े पेश किए हैं. उन्हाेंने आराेप लगाया कि जब 20 जून काे यह आंदाेलन शुरू हुआ था, तब परीक्षा प्रणाली और परिणाम के तनाव से ग्रसित हाेकर देश में 11 छात्र अपनी जान गंवा चुके थे. आंदाेलन के इन 15 दिनाें के बीतने तक यह दर्दनाक संख्या बढ़कर अब 29 तक पहुंच चुकी है, जाे बेहद चिंताजनक है.

पीएम माेदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी काे संबाेधित इस पत्र में दीपके ने तीखे सवाल पूछे हैं कि आखिर देश के युवा कब तक सरकार की उपेक्षा का शिकार हाेते रहेंगउन्हाेंने कहा कि लाेकतांत्रिक व्यवस्थाओं में भूख हड़ताल सरकाराें पर नैतिक दबाव बनाने का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता रहा है. इसके बावजूद, देश के संवेदनशील मुद्दाें पर बाेलने वाले प्रधानमंत्री जंतर-मंतर पर बेहद गंभीर स्थिति में भूख हड़ताल पर बैठे लाेगाें की सुध नहीं ले रहे हैं. दीपके ने नीट परीक्षा में पेपर लीक और अन्य धांधलियाें के लिए सीधे ताैर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की कार्यशैली और जवाबदेही पर बड़े सवाल उठाए हैं.

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Aaj Ka Anand