अजित पवार की माैत की वजह से खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर हाेने वाले उपचुनाव में सुनेत्रा पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और महायुति की उम्मीदवार हाेंगी. सुप्रिया सुले ने कहा है कि उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारने का सवाल ही नहीं उठता.
हालांकि, कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का स्टैंड लिया है. इस बारे में भारतीय जनता पार्टी के नेता मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस नेताओं से उम्मीदवार न उतारने की रिक्वेस्ट की है.इस बारे में मीडिया से बात करते हुए बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस नेताओं काे अजित पवार का साथ लंबे समय से मिला है. कांग्रेस हाे या काेई भी पार्टी, अजित पवार अपना काम करते थे. यह सीट उन्हीं अजित पवार की है.अजित पवार कई सालाें से कांग्रेस के साथ हैं.अजित पवार ने अपनी 75 प्रतिशत ज़िंदगी कांग्रेस नेताओं की संगत में राजनीति में बिताई है.इसलिए मैं कांग्रेस नेताओं से मांग करता हूं कि उन्हें इस सीट से बिना किसी विराेध के चुनाव लड़ना चाहिए.
अगर वे राहुरी से चुनाव लड़ना चाहते हैं, ताे लड़े. उनका यह हक है. हम भी वहां से लड़ने के लिए तैयार हैं. लेकिन, हमारी भाभी सुनेत्रा पवार बारामती से चुनाव लड़ रही हैं. हमारी मांग है कि उन्हें सभी बिना विराेध के चुनें, बावनकुले ने कहा है.राष्ट्रीय समाज पार्टी और वंचित बहुजन आघाड़ी भी बारामती में कांग्रेस काे सपाेर्ट कर रहे हैं. इसलिए, हम इन पार्टियाें के नेताओं से भी यही रिक्वेस्ट कर रहे हैं.अजित पवार उन सभी के साथ रहे हैं.अजित पवार की यादें अभी भी हमारे साथ हैं. उन्हें गए हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ है.इसलिए, बावनकुले ने कांग्रेस से अपील की है कि कम से कम इस चुनाव के ज़रिए ताे वह अपना बड़ा दिल दिखाए.
दाेनाें एनसीपी पार्टियाें के मर्जर का फैसला सुनेत्रा पवार का हाेगा. वह अपनी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. इसलिए, मर्जर के बारे में उनका फैसला आख़िरी हाेगा. इसलिए, बावनकुले ने इस बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया ह

