11 महीनाें से वेतन नहीं मिलने से भुखमरी की नाैबत !चिंचवड़ के लाेकमान्य हाॅस्पिटल, जाे पिछले 40 वर्षाें से मरीज़ाें की सेवा में सबसे आगे रहा है, के करीब 400 स्थायी कर्मचारियाें के भुखमरी की नाैबत आई है.
पिछले 10 से 11 महीनाें से वेतन न मिलने और काेराेना काल का बकाया मानदेय न मिलने से नाराज़ इन कर्मचारियाें ने हाॅस्पिटल प्रशासन के खिलाफ ज़बरदस्त विराेध शुरू कर दिया है.विराेध स्थल पर माैजूद राष्ट्रीय श्रमिक आघाड़ी के अध्यक्ष एवं मजदूर नेता यशवंत भाेसले ने प्रबंधन की मनमानी की कड़ी आलाेचना की. इस माैके पर सभी कर्मचारियाें ने काली पट्टी बांधकर हाॅस्पिटल के रवैये के खिलाफ अपना ज़बरदस्त विराेध जताया.मज़दूर नेता यशवंत भाेसले ने कहा कि वी. जी. वैद्य (अध्यक्ष) और एन.वी. वैद्य (मुख्य निदेशक) की देखरेख में चलने वाला यह ट्रस्ट हाॅस्पिटल अचानक दूसरे प्रबंधन काे साैंप दिया गया है. माना जा रहा है कि इस हाॅस्पिटल काे अब मशहूर 'सह्याद्रि ग्रुप' ने खरीद लिया है.जैसे ही हाॅस्पिटल ट्रांसफर हुआ, नए प्रबंधन ने यह रुख अपनाया कि हमें स्थायी कर्मचारी नहीं चाहिए और सभी पद काॅन्ट्रैक्ट पर भरना चाहते हैं.इस वजह से 400 मज़दूर जाे वर्षाें से, खासकर काेविड के बहुत मुश्किल समय में, अपनी जान जाेखिम में डालकर काम कर रहे थे, उन्हें राताें-रात नाैकरी से निकाल दिया गया और वे काम छूटने से रास्ते पर आ गये.

