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सेवाभावी टीम के सहयोग से स्वास्थ्य सेवा संभव : डॉ.सूरज म्हस्के

सेवाभावी टीम के सहयोग से स्वास्थ्य सेवा संभव : डॉ.सूरज म्हस्के

पुणे, 29 अप्रैल (आ. प्र.)

हां सबसे अयादा जरूरत है, वहां सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा का कार्य शुरू किया. इस सेवा का श्रेय टीम का है.

दो चिक्तिसा विशेषज्ञ के तौर पर सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन सभी तरह का सहयोग, हमेशा समविचारों के साथ काम करने वाली टीम और ग्रामीण हैं. इसीलिए स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना आसान हो रहा है. इस पुरस्कार को सभी टीम की ओर से स्वीकृत करता हूं, यह बात डॉ.सुरज म्हस्के ने कही. पुणे के सोशल वेल्थ फाउंडेशन और कर्वे इनस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में डॉ.विजय बंग सोशल वेल्थ क्रिएटर अवार्ड-2025 को स्वीकृत करते हुए डॉ. म्हस्के ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा.

सोबत फाउंडेशन के ‌'जाणीव रूग्णालय‌' के माध्यम से चंद्रपुर जिले के गेवरा भुज गांव में डॉ. म्हस्के और उनकी पत्नी डॉ.जानकी गुरपुंडे द्वारा स्थापित स्वास्थ्य सेवा का गौरव डॉ.विजय बंग सोशल वेल्थ क्रिएटर अवार्ड-2025 प्रदान कर किया गया. 51 हजार रुपये नकद और सम्मान पत्र, इस पुरस्कार का स्वरूप था. वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एवं एकलव्य न्यास के संस्थापक रेणु गावसकर के हाथों यह पुरस्कार प्रदान किया गया.

इस समय किर्लोस्कर ब्रदर्स मानव संसाधन विकास और संचार विभाग की उपाध्यक्ष मोहिनी कुड़तरकर, कर्वे इनस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस के निदेशक प्रो.महेश ठाकुर, पुरस्कार के प्रवर्तक डॉ. वसंत बंग और वनराई के ट्रस्टी सागर धारिया उपस्थित थे. कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. सूरज और डॉ. जानकी ने अपने चिकित्सा सेवाकार्य, संघर्ष और चुनौतियों की जानकारी दी.

जनसेवा करने की प्रेरणा परिवार से ही मिली है. दादा स्वतंत्रता सेनानी थे. महात्मा गांधी के विचारों का प्रभाव उनपर था. इसलिए बचपन से ही सामाजिक कार्य करने के संस्कार थे.

चिकित्सा सेवा क्षेत्र का चयन करने के बाद शहरी क्षेत्र से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र में काम करने का निर्णय लिया था. किस्मत से डॉ. जानकी के रूप में समविचार की सहधर्मचारिणी मिली और चिकित्सा सेवा की डिग्री, फिर उसके बाद दंतरोग चिकित्सा में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद एक विचार के साथ चंद्रपुर जिले के गेवरा भुज गांव में चिकित्सा सेवा की शुरुआत की. इसलिए पहले सोबत फाउंडेशन की स्थापना की और फाउंडेशन के माध्यम से ‌'जाणीव रुग्णालय‌' को बनाया.

आज तक 50 हजार मरीजों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई. इनमें 3 हजार से भी ज्यादा इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं. किस्मत से सहयोग देते हुए समर्पण और सेवाभाव की टीम सहयोग कर रही है. इसलिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना आसान हो रहा है, डॉ.म्हस्के ने कहा. रेणु गावसकर ने कहा कि डॉ. सुरज और डॉ. जानकी दंपति ‌'नाही रे‌'गुट को स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध करा रही है. सागर धारिया ने सोशल हेल्थ और सोशल कैपिटल की संकल्पना की जानकारी दी.

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