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Nepal Flood: 586 शव बरामद, 2,500 लोग लापता, 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

Nepal Flood: 586 शव बरामद, 2,500 लोग लापता, 320 भारतीयों से संपर्क नहीं

Aaj Ki Khabar 2 weeks ago

ई दिल्ली: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा के बाद लापता लोगों की संख्या करीब 2,500 तक पहुंच गई है, जबकि अब तक 586 शव बरामद किए जा चुके हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, नेपाल में मौजूद करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। वहीं, तिब्बत में फंसे लगभग 400 भारतीयों से संपर्क स्थापित हो चुका है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन के कब्जे वाले तिब्बती क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों में से 153 लोग सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। उन्हें भारत वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

भोटेकोशी नदी के पास फिर बढ़ा पानी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान के बीच भोटेकोशी नदी के आसपास पानी का स्तर दोबारा बढ़ने लगा है। इससे निचले इलाकों में एक और फ्लैश फ्लड का खतरा पैदा हो गया है। अधिकारियों की नजर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में बनी दो झीलों पर भी है। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, जब तक इन झीलों का पानी पूरी तरह बाहर नहीं निकल जाता, तब तक निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बना रहेगा। इनमें से एक झील शुक्रवार को ओवरफ्लो होने लगी, जबकि दूसरी झील का आकार लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल दूसरी झील से पानी निकलने का कोई स्पष्ट प्राकृतिक रास्ता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में वहां पानी का दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

पानी बढ़ने से तीन घंटे रुका रेस्क्यू ऑपरेशन

नेपाल सेना के प्रवक्ता राजा राम बासनेट के मुताबिक, भोटेकोशी नदी का जलस्तर करीब दो फीट बढ़ने के बाद राहत और बचाव अभियान को लगभग तीन घंटे के लिए रोकना पड़ा।स्थिति पर नजर रखने के लिए नेपाल के अधिकारी सीमावर्ती शहर तिमुरे और नदी के बहाव वाले निचले इलाकों में कैमरे और सेंसर लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इन्हें हेलीकॉप्टर की मदद से संवेदनशील स्थानों तक पहुंचाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

तिब्बत में फंसे 400 भारतीयों से संपर्क

MEA के अनुसार, तिब्बत में फंसे करीब 400 भारतीय नागरिकों से संपर्क हो गया है। वे अपने परिवारों के संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर जानकारी लगातार जुटाई जा रही है। शुक्रवार शाम तक इनमें से 153 भारतीय सड़क मार्ग से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके थे। अब उन्हें भारत लाने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, नेपाल में मौजूद करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।

100 भारतीय मूल के लोग भी लापता

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, करीब 100 भारतीय मूल के लोग भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुछ ऐसे यात्री भी शामिल हैं, जिनके पास दूसरे देशों की नागरिकता है। आपदा के बाद काठमांडू पहुंचे तमिलनाडु के 21 यात्रियों को शुक्रवार को दिल्ली लाया गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एयरपोर्ट पहुंचकर इन यात्रियों का स्वागत किया।

राहत-बचाव अभियान पर लगातार नजर

नेपाल के पहाड़ी और बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां राहत और बचाव अभियान चला रही हैं। वहीं, संभावित नए खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है। नेपाल में स्थिति पर भारत भी लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय अधिकारियों की प्राथमिकता प्रभावित भारतीय नागरिकों का पता लगाना, उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और जरूरत पड़ने पर उन्हें भारत वापस लाना है।

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