सिंतबर में पूरा होना था कार्यकाल, 15 माह पहले ही दे दिया इस्तीफा
Air India CEO (आज समाज), नई दिल्ली : वित्तीय परेशानियों से जूझ रही एयर इंडिया को एक बड़ा झटका उस समय लगा जब उसके सीईओ कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
ज्ञात रहे कि इस साल किसी एयरलाइन के सीईओ का यह दूसरा इस्तीफा है। इससे पहले इंडिगो के सीईओ ने भी इस्तीफा दे दिया था। वहीं बात अगर एयर इंडिया की करें तो कंपनी ने कैंपबेल को नए सीईओ की नियुक्ति तक अपने पद पर बने रहने की बात कही है।
कैंपबेल का कार्यकाल सितंबर 2027 में पूरा होना था लेकिन उन्होंने पांच माह पहले ही इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पहले ही संकेत दे दिया था कि वे अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इसी वजह से कंपनी ने जनवरी 2026 से ही नए सीईओ की तलाश शुरू कर दी थी। अब इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है और अगले हफ्ते इस पर अहम बैठक होने वाली है।
एक साथ कई मार्चो पर जूझ रही एयर इंडिया
दरअसल, एयर इंडिया इस समय कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रही है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगे हैं, जिससे विमानों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इससे ईंधन खर्च बढ़ गया है और आॅपरेशन महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, नए विमानों की सप्लाई में देरी और बढ़ती लागत भी कंपनी के लिए परेशानी बनी हुई है। इन समस्याओं के बीच 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के एक बोइंग ड्रीमलाइनर (एआई 171) के हादसे ने भी कंपनी को बड़ा झटका दिया था, जिसमें 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कंपनी की छवि और संचालन दोनों पर असर पड़ा।
34 माह तक सीईओ का पद पर रहे विल्सन
कैंपबेल विल्सन ने जुलाई 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी। इससे पहले उन्होंने करीब 26 साल तक सिंगापुर एयरलाइंस में काम किया, जहां उन्होंने कई बड़े पदों पर जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल के दौरान एयर इंडिया में कई बड़े बदलाव किए गए। सबसे अहम रहा विस्तारा का एयर इंडिया में सफल विलय, जिसे बिना किसी बड़ी परेशानी के पूरा किया गया। इसके अलावा कंपनी ने अपने बेड़े को बढ़ाने की योजना पर भी काम किया और कई व्यस्त रूट्स पर मार्केट लीडर इंडिगो को भी पीछे छोड़ा।
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