कहा, यह युद्ध दो-तीन सप्ताह में समाप्त हो जाए तो वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा सीमित असर
Business News (आज समाज), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमलों का आज 37वां दिन है।
इस दौरान जहां अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जमकर बमबारी की है तो वहीं ईरान ने भी इन दोनों को करारा जवाब दिया है वहीं खाड़ी देशों में भी उन जगहों पर हमले किए हैं जहां पर अमेरिका के सैन्य ठिकाने हैं। इस तनाव का असर न केवल खाड़ी देशों पर हो रहा है बल्कि वैश्विक बाजारों के प्रदर्शन पर भी इसका नकारात्मक असर जारी है। इसी बीच कोटक इक्विटी की एक ताजा रिपोर्ट में यह कहा गया है कि इस युद्ध का दो-तीन सप्ताह में समाप्त होना जरूरी है।
इसलिए जरूरी है युद्ध का जल्द खत्म होना
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के इक्विटी बाजारों को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। कोटक संस्थागत इक्विटी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यदि मौजूदा संघर्ष अगले कुछ हफ्तों में समाप्त हो जाता है, तो भारतीय बाजारों की कमाई पर इसका असर सीमित रह सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हालिया समय में शेयर बाजार में आई गिरावट के बाद निवेशकों के लिए जोखिम और रिटर्न का संतुलन बेहतर हुआ है। यानी मौजूदा स्तर पर निवेश के अवसर पहले की तुलना में अधिक आकर्षक हो सकते हैं।
तनाव कम होने से ऊर्जा आपूर्ति स्थिर होगी
विशेष रूप से अमेरिका की ओर से ईरान-इस्राइल संघर्ष को लेकर दिए गए संकेतों ने तनाव कम होने और ऊर्जा आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद बढ़ाई है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति की हालिया टिप्पणियों से उम्मीद जगी है कि ईरान-इस्राइल/अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का अंत हो सकता है और आने वाले महीनों में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य हो सकती है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार की कमाई पर संभावित नुकसान सीमित रहेगा। कोटक ने अपने बेस केस परिदृश्य में माना है कि यह संघर्ष कुछ हफ्तों तक जारी रह सकता है, लेकिन इससे वैश्विक तेल आपूर्ति ढांचे पर कोई दीर्घकालिक असर नहीं पड़ेगा।
Oil and LPG Crisis : इस सप्ताह तीन पोत एलपीजी लेकर पहुंचेंगे भारत

