नौ दिन की जाती है माता दुर्गा की भक्तिChaitra Navratri, (आज समाज), नई दिल्ली: सनातन धर्म में नवरात्रि के पर्व का बहुत महत्व है। साल में चार बार नवरात्रि पड़ती है, लेकिन चैत्र और शारदीय नवरात्रि बहुत लोकप्रिय है।
नवरात्रि के नौ दिन माता दुर्गा की भक्ति और उपसना के माने जाते हैं। चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष की शुरूआत होती है।
यही वजह है कि ये नवरात्रि और भी अधिक विशेष मानी जाती है। चैत्र नवरात्रि की शुरूआत इस माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है।चैत्र नवरात्रि के नौ दिन भक्त माता दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही व्रत रखते हैं।
पालकी पर सवार होकर आने वाली हैं माता दुर्गा
धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान माता धरती पर आती हैं और अपने भक्तों के दुख दूर करती हैं। इस बार माता पालकी पर सवार होकर आने वाली हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि नवरात्रि नौ नहीं, बल्कि आठ दिनों की होती है। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल है कि चैत्र नवरात्रि नौ या आठ कितने दिनों की होने वाली है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
चैत्र नवरात्रि कब है?
पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरूआत 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर होगी। वहीं इस तिथि का समापन 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर को हो जाएगा। ऐसे इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरूआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है। इसी दिन हिंदू नववर्ष भी शुरू होगा। 27 मार्च को राम नवमी के पर्व के साथ नवरात्रि का समापन होगा।
चैत्र नवरात्रि की कलश स्थापना मुहूर्त
19 मार्च को घटस्थापना का शुभ समय सुबह 06 बजकर 52 मिनट से 07 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। दोपहर के अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है। यह मुहूर्त 12 बजकर 05 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।
नौ दिनों की होगी नवरात्रि
नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का बड़ा ही विशेष महत्व माना जाता है। इसमें कन्या पूजा और हवन किया जाता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि नौ दिनों की होने वाली है।
चैत्र नवरात्रि 2026 कैलेंडर
- 19 मार्च (गुरुवार)- प्रतिपदा, मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना
- 20 मार्च (शुक्रवार)- द्वितीया, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
- 21 मार्च (शनिवार)- तृतीया, मां चंद्रघंटा की पूजा
- 22 मार्च (रविवार)- चतुर्थी, मां कूष्मांडा की पूजा
- 23 मार्च (सोमवार)- पंचमी, स्कंदमाता की पूजा
- 24 मार्च (मंगलवार)- षष्ठी, मां कात्यायनी की पूजा
- 25 मार्च (बुधवार)- सप्तमी, मां कालरात्रि की पूजा
- 26 मार्च (गुरुवार)- अष्टमी, मां महागौरी की पूजा और दुर्गा अष्टमी
- 27 मार्च (शुक्रवार)- नवमी, कन्या पूजन और नवरात्र का समापन
ये भी पढ़ें: किस उम्र में होगी आपकी शादी और कैसा होगा पार्टनर? हस्त रेखाओं को ऐसे समझें

