सीआईए मोगा, सरहिंद और शंभू रेलवे ट्रैक धमाकों का अहम आरोपी गिरफ्तार, आरोपी ने कबूला विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर अंजाम दी गई थीं तीनों आतंकी वारदात
Chandigarh Crime News (आज समाज), चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस ने पिछले दिनों प्रदेश में हुई तीन बड़ी आतंकी वारदात की गुत्थी सुलझा ली है।
इन वारदात में सीआईए मोगा ग्रेनेड हमला, सरहिंद रेलवे ट्रैक धमाका और हाल ही में हुआ शंभू रेलवे ट्रैक धमाका शामिल है।
प्रदेश पुलिस ने इन वारदातों में शामिल मुख्य साजिशकर्ता जगरूप सिंह के मुख्य साथी को गिरफ्तार किया है। इस संबंधी जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने देते हुए बताया कि यह आॅपरेशन स्टेट स्पेशल आॅपरेशन सेल (एसएसओसी) अमृतसर, काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) पठानकोट और जिला पटियाला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया।गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेअंत के रूप में हुई है, जो गुरदासपुर के बिधीपुर का रहने वाला है।
पहले भी हो चुकी गिरफ्तारियां
यह सफलता सोमवार रात पटियाला जिले के शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके की जांच के दौरान सामने आई। उल्लेखनीय है कि जगरूप सिंह उर्फ जूपा उक्त स्थान पर आईईडी लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन समय से पहले ही आईईडी विस्फोट हो जाने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने पहले ही चार कट्टरपंथी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है। इनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, दो .30 बोर पिस्तौल, आधुनिक संचार उपकरण और लैपटॉप बरामद किए गए हैं।
पूछताछ के दौरान खुली आगे की कड़ियां
इसके बाद मृतक जगरूप के भाई सतनाम उर्फ सत्ता के खुलासे पर आतंकी हार्डवेयर का एक और बड़ा जखीरा बरामद किया गया, जिसमें एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी), हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक और आधुनिक पिस्तौल शामिल हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गुरजिंदर और जगरूप लंबे समय से सहयोगी थे और शंभू धमाके वाले दिन दोनों पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग होकर राजपुरा पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपी गुरजिंदर धमाके के समय मौके पर मौजूद था, लेकिन कुछ दूरी पर खड़ा होने के कारण वह बच निकलने में सफल रहा। उन्होंने बताया कि जब गुरजिंदर को पता चला कि आईईडी फटने से जगरूप की मृत्यु हो गई है, तो वह मौके से फरार हो गया।
गुरजिंदर ने पूछताछ में यह खुलासे किए
डीजीपी ने बताया कि गुरजिंदर सिंह से पूछताछ के दौरान सामने आया कि तीनों आतंकी घटनाएं – 7 नवंबर 2025 को सीआईए मोगा में ग्रेनेड हमला, 23 जनवरी 2026 को सरहिंद रेलवे ट्रैक धमाका और 27 अप्रैल 2026 को शंभू धमाका – मलेशिया स्थित हैंडलरों के निदेर्शों पर इसी आतंकी मॉड्यूल द्वारा अंजाम दी गई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि मलेशिया स्थित हैंडलर अमेरिका और पाकिस्तान आधारित हैंडलरों से जुड़े हुए थे।

