Haryana Education News: हरियाणा में नियमों का पालन नहीं करने वाले 1107 निजी स्कूलों को बंद नहीं किया जाएगा। इन स्कूलों का MIS पोर्टल फिलहाल अस्थायी रूप से बंद किया गया है। स्कूलों की ओर से शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निर्धारित 25 प्रतिशत सीटों का ब्योरा और जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर उपलब्ध कराने के बाद MIS की सुविधा फिर से शुरू की जा सकेगी।
यह जानकारी राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने विधानसभा में दी। शिक्षा मंत्री ने साफ किया कि इन स्कूलों को बंद करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
RTE के तहत 25% सीटें आरक्षित करना जरूरी
सरकार के अनुसार राज्य के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के लिए RTE की धारा 12(1)(c) के तहत प्रवेश स्तर की कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करना अनिवार्य है। हरियाणा शिक्षा विभाग भी निजी स्कूलों में RTE के तहत दाखिले के लिए UJJWAL पोर्टल के माध्यम से सीटों की घोषणा और प्रवेश प्रक्रिया संचालित करता है। विभाग ने 2026-27 सत्र के लिए भी UJJWAL पोर्टल पर RTE दाखिले से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के पात्र बच्चों को निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिक्षा का अवसर मिल सके। इससे संबंधित सीटों की घोषणा, दस्तावेज और दाखिले की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाती है।
9025 निजी स्कूलों को सीट घोषित करने के निर्देश
शिक्षा मंत्री के विधानसभा में दिए जवाब के अनुसार विभाग के MIS पोर्टल पर दर्ज 9025 निजी विद्यालयों को UJJWAL पोर्टल पर अपनी सीटों की घोषणा करने और मान्यता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। इनमें से 7918 स्कूलों ने UJJWAL पोर्टल पर जरूरी दस्तावेज और सीटों का विवरण उपलब्ध करा दिया। वहीं, 1107 विद्यालयों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी सीटों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जमा नहीं की। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों का MIS पोर्टल अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। हालांकि यह दोबारा खुल जाएगा।
सिर्फ यह काम पूरा करते ही खुल जाएगा MIS पोर्टल
1107 निजी स्कूलों के लिए राहत की बात यह है कि MIS बंद किया जाना स्थायी कार्रवाई नहीं है। स्कूलों को RTE के तहत गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों का विवरण पोर्टल पर घोषित करना होगा। इसके साथ जहां आवश्यक हो, मान्यता से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने होंगे। शिक्षा विभाग के निर्देशों के मुताबिक आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा होने के बाद संबंधित स्कूल का MIS पोर्टल दोबारा खोला जा सकता है। इन स्कूलों के सामने रास्ता बंद नहीं हुआ है, बल्कि नियमों का पालन करके ऑनलाइन रिकॉर्ड पूरा करने की शर्त रखी गई है।

