नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम अपने सबसे मुश्किल माने जा रहे श्रीलंका दौरे पर पहुंच चुकी है. टीम इंडिया ने बिना श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है.
4 तारीख को भारत से रवाना हुई टीम इंडिया ने एक दिन बाद ही लगभग 5 घंटे प्रैक्टिस सेशन में पसीना बहाया. 15 अगस्त को दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच शुरू हो रहा है. कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में टीम इंडिया ने कोलंबो के एनसीसी ग्राउंड पर कड़ा अभ्यास किया. आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के तहत यह सीरीज खेली जाएगी इस लिए दोनों ही टीम इसे हर हाल में जीतना चाहती है.
श्रीलंका की टीम को उसके स्पिन अटैक के लिए जाना जाता है. ऐसे में टीम इंडिया ने प्रैक्टिस सेशन में फोकस स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ बल्लेबाजी रहा. अपने घर पर हो या विदेशी धरती पर भारतीय टीम को सबसे बड़ी परेशानी स्पिन को खेलने में आई है. इसी वजह से बल्लेबाजों ने लंबे समय तक स्पिनरों का सामना कर अपनी तकनीक पर काम किया. चयनकर्ताओं ने जो टीम इस दौरे के लिए चुनी है उसके अलावा चार स्पिनर नेट बॉलर के तौर पर साथ गए हैं. कोचिंग स्टाफ, कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर टीम की इस कमजोरी पर ज्यादा काम कर रहे हैं.
स्लिप कैचिंग पर भी जोर
टीम इंडिया की फील्डिंग भी पिछले कुछ समय से आलोचना का शिकार हुई है. श्रीलंका में प्रैक्टिस सेशन में वार्म-अप के बाद टीम ने फील्डिंग और स्लिप कैचिंग की जमकर प्रैक्टिस की.पहली स्लिप में शुभमन गिल, दूसरी स्लिप में केएल राहुल, तीसरी स्लिप में यशस्वी जायसवाल और चौथी स्लिप में ध्रुव जुरेल नजर आए.दो मैचों की टेस्ट सीरीज में टर्निंग पिच मिलने की उम्मीद की जा रही है.इसी वजह से कोचिंग स्टाफ ने क्लोज-इन कैचिंग पर खास ध्यान दिया.टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर पूरे प्रैक्टिस सेशन के दौरान एक्टिव नजर आए. वह लगातार अलग-अलग नेट्स पर जाकर खिलाड़ियों से बात करते दिखा दिए.
किस बल्लेबाज ने छोड़ी सबसे ज्यादा छाप?
टॉप फॉर्म में चल रहे कप्तान शुभमन गिल प्रैक्टिस सेशन के दौरान स्पिन के खिलाफ सबसे सहज दिखाई दिए.टीम के उप कप्तान बनाए गए केएल राहुल और ओपनर यशस्वी जायसवाल ने तेज और स्पिन दोनों गेंदबाजों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की. साई सुदर्शन के पहले मैच में खेलने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है. उनकी जगह मिडिल आर्डर में देवदत्त पडिक्कल नजर आ सकते हैं. उन्होंने अंदर आती स्पिन गेंद को लेकर अपनी कमजोरी पर काम किया. ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल ने भी लंबे समय तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया.

