Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Kanpur Collectorate: टाइप टेस्ट क्लियर नहीं कर पाए तो क्लर्क से 3 कर्मी बने चपरासी

Kanpur Collectorate: टाइप टेस्ट क्लियर नहीं कर पाए तो क्लर्क से 3 कर्मी बने चपरासी

आज समाज 6 months ago

Kanpur Collectorate, (आज समाज), लखनऊ: टाइपिंग की परीक्षा में दूसरी बार भी टेस्ट क्वालिफाई न कर पाना तीन सरकारी कर्मचारियों को महंगा पड़ गया। टेस्ट में दूसरी बार विफल रहने पर उन्हें क्लर्क के पद से हटाकर चपरासी बना दिया गया।

वाकया कानपुर कलेक्ट्रेट का है। तीन जूनियर क्लर्क अमित कुमार यादव, नेहा श्रीवास्तव और प्रेमनाथ यादव, पहली बार जब परीक्षा में फेल हुए तो उनकी सैलरी व इंक्रीमेंट रोक दी गई थी।

जिलाधिकारी ने की कड़ी कार्रवाई

अमित, नेहा और प्रेमनाथ जब दूसरी बार भी परीक्षा पास नहीं कर पाए तो जिलाधिकारी ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके डिमोशन के निर्देश जारी कर दिए। इसके मुताबिक तीनों कर्मचारियों को चपरासी बना दिया गया। वर्ष 2024 में पहली बार परीक्षा हुई थी और अमित, नेहा और प्रेमनाथ तय मानक के अनुसार टाइपिंग नहीं कर सके थे। सरकारी नियमों के अनुसार जूनियर क्लर्क को एक मिनट में कम से कम 25 शब्द टाइप करना जरूरी था जो वे नहीं कर पाए। यही वजह रही कि उन्हें क्लर्क से डिमोट करके चपरासी बना दिया गया।

पहली बार फेल होने पर दिया था सुधार का मौका

पहली बार फेल होने पर तीनों कर्मचारियों को सीधी सजा देने के बजाय उन्हें सुधार का मौका देते हुए उनका वेतन व इंक्रीमेंट रोका गया था। उम्मीद जताई गई थी कि अगली बार अमित, नेहा और प्रेनाथ अपनी कमी दूर कर लेंगे। वर्ष 2025 में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन इस बार भी परिणाम वही रहा। तीनों कर्मचारी एक मिनट में 25 शब्द टाइप करने की अनिवार्य गति तक पहुंचने में विफल रहे।

डीएम ने मामले की समीक्षा के बाद लिया कड़ा निर्णय

प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और जिलाधिकारी (District Magistrate) जितेंद्र प्रताप सिंह (Jitendra Pratap Singh) ने मामले की समीक्षा के बाद कड़ा निर्णय लिया। प्रेमनाथ यादव डीएम कैंप कार्यालय में तैनात थे। वहीं नेहा श्रीवास्तव और अमित कुमार यादव कलेक्ट्रेट में जूनियर क्लर्क (कनिष्ठ लिपिक) के तौर पर कार्यरत थे। उन्हें इस पद से हटाकर चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी यानी चपरासी बना दिया गया।

नियमों के तहत की गई कार्रवाई : प्रशासन

प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत अमित, नेहा और प्रेमनाथ पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी अपने पद की बुनियादी जिम्मेदारी ही पूरी न कर सके तो इस वजहसे कामकाज प्रभावित होता है। कलेक्ट्रेट जैसे दफ्तरों में नोटिंग फाइल्स के काम के अलाव दस्तावेज तैयार करने आदि काम सारा टाइपिंग पर ही निर्भर करता है। ऐसे में दक्षता की कमी से सीधा काम प्रभावित होता है। इसी वजह से विभाग को सख्त कदम उठाना पड़ा।
इस कार्रवाई के चलते कलेक्ट्रेट और अन्य विभागों में भी हड़कंप है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Aaj Samaaj