भगवान विष्णु को समर्पित होती है एकादशी तिथिParama Ekadashi, (आज समाज), नई दिल्ली: सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। हर माह आने वाली एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है, लेकिन अधिकमास में पड़ने वाली परमा एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान विष्णु की खास कृपा मिलती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि साल 2026 में परमा एकादशी 11 जून को है या 12 जून को। आइए जानते हैं सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में।
परमा एकादशी 2026 में कब है?
द्रिक पंचांग के अनुसार, अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 11 जून 2026 को सुबह 12 बजकर 57 मिनट पर होगा। वहीं इसका समापन 11 जून की रात 10 बजकर 36 मिनट पर होगा। हिंदू धर्म में व्रत और त्योहारों का निर्धारण उदयातिथि के आधार पर किया जाता है। इसलिए साल 2026 में परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।
परमा एकादशी 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 बजे से 04:42 बजे तक रहेगा। यह समय स्नान, ध्यान, जप और व्रत का संकल्प लेने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:53 बजे से 12:49 बजे तक है। यह दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। इस दौरान भगवान विष्णु की विशेष पूजा करना लाभकारी माना जाता है।
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:18 बजे से 07:38 बजे तक रहेगा। इस समय भी भगवान विष्णु की आरती, दीपदान और भजन-कीर्तन करने का विशेष महत्व बताया गया है।
परमा एकादशी की पूजा विधि
परमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान की सफाई करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम, विष्णु चालीसा या ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। पूजा के दौरान घी का दीपक जलाएं और भगवान की आरती करें। फिर अगले दिन द्वादशी तिथि पर विधि-विधान से पारण करने के बाद व्रत पूरा माना जाता है।
क्या करें और क्या न करें?
परमा एकादशी के दिन क्रोध, झूठ, निंदा और विवाद से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इस दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना शुभ माना जाता है।
परमा एकादशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार परमा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत का पालन करते हैं, उनके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। अधिकमास में आने वाली यह एकादशी विशेष पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन दान-पुण्य, जप, तप और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करने से कई गुना अधिक फल मिलता है।

