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Punjab Assembly Monsoon Session : पंजाब विधानसभा में तीसरे दिन भी गतिरोध जारी, काले पटके पहनकर पहुंचे विपक्षी विधायकों ने की नारेबाजी

Punjab Assembly Monsoon Session : पंजाब विधानसभा में तीसरे दिन भी गतिरोध जारी, काले पटके पहनकर पहुंचे विपक्षी विधायकों ने की नारेबाजी

विपक्ष का आरोप विधायकों के साथ हुई धक्का-मुक्की, स्पीकर बोले-मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी

Punjab Assembly Monsoon Session (आज समाज), चंडीगढ़ : पंजाब की मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार का अंतिम विधानसभा सत्र जारी है।

सोमवार को शुरू हुए सत्र का आज तीसरा दिन है। हालांकि इन तीन दिनों में विधानसभा का ज्यादात्तर समय विपक्ष की नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच में गुजर गया। वहीं आज भी विपक्षी सदस्य विधानसभा में काले पटके पहनकर प्रवेश हुए। इसके साथ ही कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

उनका आरोप था कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई थी। इस पर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि सदन सभी विधायकों का सम्मान करता है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भी कहा कि यदि किसी विधायक के सम्मान को ठेस पहुंची है तो मामले की जांच होगी।

कांग्रेस विधायकों ने यह आरोप लगाए

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों ने सुबह साढ़े नौ बजे विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पंजाब की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम रखा था। बाजवा ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और उनके साथ धक्कामुक्की की।

विधानसभा परिसर में प्रवेश के दौरान भी स्टाफ ने विधायकों के साथ धक्के दिए, जिससे उन्हें चोट भी लगी। बाजवा ने कहा कि विधायकों के कपड़ों तक पर हाथ डाला गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। वहीं, स्पीकर ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, विधायक बिक्रमजीत सिंह चौधरी समेत अन्य कांग्रेस विधायकों की ओर से दो ‘काम रोको’ प्रस्ताव दिए गए थे, जिन्हें नियमों के तहत अस्वीकार कर दिया गया।

जल्दी तय होंगे बिल्डिंग मटेरियल व लेबर रेट

कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने कहा कि बिल्डिंग मटेरियल के रेट लोक निर्माण विभाग तय करता है। इसके लिए डिप्टी कमिश्नरों की एक समिति गठित की गई है, जो पंचायतों के विकास कार्यों के लिए दरें निर्धारित करती है। उन्होंने कहा कि लेबर रेट भी संशोधित करवाए जाएंगे और बिल्डिंग मटेरियल की दरों की भी समीक्षा कर उन्हें जरूरत के अनुसार संशोधित किया जाएगा।

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