अमावस्या पर तर्पण और पिंडदान से प्रसन्न होते हैं पितृSomvati Amavasya, ( आज समाज), नई दिल्ली: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बहुत पावन होती है। अधिकमास में पड़ने वाली अमावस्या बहुत विशेष मानी जाती है।
ऐसा इसलिए क्योंकि इस मास में पड़ने वाली अमावस्या तीन साल में एक बार आती है। अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित की गई है। मान्यता है कि इस तिथि पर पितृ धरती पर आते हैं, इसलिए अमावस्या पर पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि इन कामों से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
15 जून को मनाई जाएगी अमावस्या
अमावस्या तिथि जब सोमवार को पड़ती है, तो उसको सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इन दिनों अधिकमास चल रहा है। इसलिए इस साल अधिकमास और सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। इस साल ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या 15 जून को मनाई जाएगी।
सोमवती अमावस्या की तिथि
- पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या तिथि 14 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर शुरू हो रही है।
- इस तिथि का समापन अगले दिन 15 जून को सुबह 08 बजकर 23 मिनट पर हो जाएगा।
- ऐसे में उदया तिथि की मान्यता के वजह से सोमवती अमावस्या 15 जून 2026, सोमवार को मनाई जाएगी।
सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व
सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष रूप से की जाती है। मान्यताओं के अनुसार, अगर पति-पत्नी साथ में सोमवती अमावस्या के दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा करते हैं, तो वैवाहिक जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। इसके अलावा, पितरों की शांति के लिए किए गए तर्पण और दान-पुण्य से प्रसन्न होकर पितृ वंश वृद्धि और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
सोमवती अमावस्या के उपाय
- अमावस्या पर गेहूं के आटे में चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से धन की परेशानियां दूर होती हैं।
- इस दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
- घर के उत्तर-पूर्व दिशा में काले धागे की बत्ती डालकर घी का दीपक जलाएं। इसमें थोड़ा सा केसर डालें। ऐसा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
- स्नान के बाद पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें और उसकी परिक्रमा करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।
- सफेद मिठाई, तिल, वस्त्र, अन्न और जरूरतमंदों को जूते-चप्पल का दान करें। इससे विशेष लाभ मिलते हैं।

