अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमले जारी रखेगा इजराइलUS Israel Vs Iran War, (आज समाज), तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा है कि अगर उन्हें थोड़ा और समय मिल जाए, तो अमेरिका आसानी से होर्मुज स्ट्रेट को खोल सकता है।
इसके बाद तेल पर कब्जा करके अकूत दौलत कमा सकते हैं। यह पूरी दुनिया के लिए एक सोने की खान साबित होगी। उधर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि उनका देश अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमले जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच पूरा तालमेल है और कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि इजराइल ने ईरान को काफी कमजोर कर दिया है। उनके मुताबिक, अब तक ईरान की करीब 70% स्टील उत्पादन क्षमता खत्म की जा चुकी है, जिससे उसकी ताकत पर बड़ा असर पड़ा है।
ट्रम्प ने अमेरिकी संसद से 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट मांगा
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ट्रम्प ने अमेरिकी संसद से रक्षा बजट में 1.5 ट्रिलियन डॉलर की भारी बढ़ोतरी की मांग की है। ट्रम्प पहले से ही अमेरिका और उसके सहयोगियों के सैन्य खर्च बढ़ाने की बात करते रहे हैं। फिलहाल अमेरिका का रक्षा बजट लगभग 839 बिलियन डॉलर (करीब 70 लाख करोड़ रुपए) है।
ईरान में गिराए गए अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट की तलाश जारी
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान में गिराए गए अमेरिकी फाइटर जेट के पायलट की तलाश की जा रही है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है कि सर्च आॅपरेशन चल रहा है, लेकिन अभी तक क्रू के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं है।
इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने एक अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया है। ईरानी मीडिया ने इसे एफ-35 स्टेल्थ फाइटर बताया था, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें दिख रहा विमान एफ-35 नहीं बल्कि एफ-15 हो सकता है। फिलहाल अमेरिका की तरफ से इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
ट्रंप ने आर्मी चीफ और अटॉर्नी जनरल को हटाया
वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ही रात में अपनी सेना और सरकार के बड़े अधिकारियों को हटाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप प्रशासन ने आर्मी चीफ जनरल रैंडी जॉर्ज को पद से हटाकर उन्हें तुरंत रिटायर होने का आदेश दे दिया है। इतना ही नहीं, चर्चा है कि एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल और कई अन्य बड़े मंत्रियों पर भी जल्द ही एक्शन हो सकता है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है।
पिछले एक साल में कई बड़े जनरलों और एडमिरलों की छुट्टी की जा चुकी
असल में, ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपनी टीम को बिल्कुल नए सिरे से तैयार करना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि ट्रंप के मिशन को पूरा करने के लिए नए और भरोसेमंद लोगों की जरूरत है। इसी रणनीति के तहत पिछले एक साल में एक-दो नहीं, बल्कि सेना के एक दर्जन से ज्यादा बड़े जनरलों और एडमिरलों की छुट्टी की जा चुकी है।
रैंडी जॉर्ज का जाना बड़ी खबर
इस पूरी फेहरिस्त में आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज का जाना सबसे बड़ी खबर है, क्योंकि वे कोई साधारण अफसर नहीं हैं। वेस्ट पॉइंट मिलिट्री एकेडमी से ग्रेजुएट जॉर्ज ने पहले खाड़ी युद्ध से लेकर इराक और अफगानिस्तान तक की भीषण जंगों में हिस्सा लिया है।
उनके इसी लंबे अनुभव को देखते हुए 2023 में उन्हें सेना के सबसे ऊंचे पद पर बैठाया गया था। आर्मी चीफ बनने से पहले वे बाइडन सरकार में रक्षा सचिव के खास सलाहकार भी रह चुके हैं। यानी उनके पास युद्ध के मैदान से लेकर पेंटागन का दफ्तर चलाने तक का गहरा अनुभव है, लेकिन ट्रंप के नए एजेंडे में उनके लिए कोई जगह नहीं बची।
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