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डिवाइन प्राणिक हीलिंग सेंटर में साइकोथेरेपी प्रशिक्षण, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन पर दिया जोर

डिवाइन प्राणिक हीलिंग सेंटर में साइकोथेरेपी प्रशिक्षण, मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन पर दिया जोर

खनऊ, 1 सितंबर 2026। पेपर मिल कॉलोनी, लखनऊ स्थित डिवाइन प्राणिक हीलिंग सेंटर में 29 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित एडवांस्ड प्राणिक हीलिंग कोर्स के अंतर्गत दो दिवसीय प्राणिक साइकोथेरेपी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन को समझने तथा व्यक्ति की भावनात्मक परिस्थितियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने से संबंधित तकनीकों की जानकारी देना रहा।

प्रशिक्षण सत्र का मार्गदर्शन नोएडा की सुश्री शेली मैडम ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को मानसिक और भावनात्मक स्तर पर कार्य करने की विभिन्न तकनीकों के साथ उनके व्यावहारिक उपयोग के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान विचारों, भावनाओं, तनाव और मानसिक दृष्टिकोण जैसे पहलुओं को समझने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को बताया गया कि व्यक्ति के विचार और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं उसके व्यवहार और समग्र कल्याण पर प्रभाव डाल सकती हैं। इसी दृष्टिकोण से साइकोथेरेपी संबंधी प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को नकारात्मक विचारों और भावनात्मक पैटर्न की पहचान, तनाव एवं भय को समझने तथा सकारात्मक सोच और स्वस्थ भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को बढ़ावा देने की तकनीकों से परिचित कराया गया।

इसके अलावा आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन तथा व्यक्ति की भावनात्मक आवश्यकताओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करने पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि ऐसी तकनीकों का उपयोग जिम्मेदारी और उचित सीमाओं के भीतर किया जाना चाहिए तथा गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं चिकित्सकीय सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

प्रशिक्षण के दौरान वक्ताओं ने कहा कि व्यक्ति के कल्याण को समझने के लिए शारीरिक पहलुओं के साथ मानसिक और भावनात्मक पक्ष पर भी ध्यान देना उपयोगी हो सकता है। प्राणिक हीलिंग से जुड़े प्रशिक्षण में साइकोथेरेपी को एक सहायक दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों को लोगों की भावनात्मक परिस्थितियों को अधिक जागरूकता और संवेदनशीलता से समझने में सक्षम बनाना है।

आयोजकों के अनुसार, प्राणिक साइकोथेरेपी का उपयोग तनाव, भावनात्मक चुनौतियों और पारिवारिक संबंधों से जुड़े विषयों को समझने के लिए सहायक तकनीक के रूप में किया जाता है। हालांकि, इसे आधुनिक चिकित्सा एवं मनोचिकित्सकीय उपचार के विकल्प के बजाय पूरक दृष्टिकोण के रूप में समझना उचित है।

प्रशिक्षण के दौरान अवसाद, नशे की लत और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के संदर्भ में भी चर्चा की गई। आयोजकों ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति के बावजूद मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई चुनौतियां जटिल होती हैं और इनके उपचार में विशेषज्ञ चिकित्सकीय मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ सकती है।

प्राणिक साइकोथेरेपी के समर्थकों के अनुसार, इससे जुड़ी तकनीकों का उद्देश्य व्यक्ति को भावनात्मक स्तर पर सहयोग प्रदान करना तथा पारिवारिक एवं वैवाहिक संबंधों में संवाद और समझ को बेहतर बनाने में सहायता करना है। वहीं, गंभीर मानसिक बीमारी या नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति के लिए विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देना आवश्यक बताया गया।

कार्यक्रम के दौरान नेपाल में हाल में आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए डिवाइन प्राणिक हीलिंग सेंटर में सामूहिक प्रार्थना भी की गई। उपस्थित लोगों ने दिवंगतों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

आयोजकों ने बताया कि चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को एडवांस्ड प्राणिक हीलिंग के साथ दो दिवसीय प्राणिक साइकोथेरेपी कोर्स के माध्यम से मानसिक एवं भावनात्मक आयामों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों में जागरूकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदार तरीके से सहायक तकनीकों के उपयोग की समझ विकसित करना रहा।

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