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जियो टैगिंग व्यवस्था व्यापारियों के लिए अव्यावहारिक, तत्काल वापस ली जाए: अमरनाथ मिश्र

जियो टैगिंग व्यवस्था व्यापारियों के लिए अव्यावहारिक, तत्काल वापस ली जाए: अमरनाथ मिश्र

ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के बाहर से आने वाले कृषि उत्पादों के लिए पहले से ही प्री-अराइवल स्लिप की अनिवार्य व्यवस्था लागू है, जिसके माध्यम से व्यापारी स्वयं कर देयता स्वीकार करता है और माल का पूरा विवरण विभाग के पास उपलब्ध रहता है।

ऐसे में उसी माल पर जियो टैगिंग की अतिरिक्त अनिवार्यता केवल दोहराव है, जिससे व्यापारियों पर अनावश्यक प्रशासनिक और तकनीकी बोझ बढ़ रहा है।

व्यापार मंडल ने बताया कि अधिकांश कृषि उपज छोटी-छोटी खेपों और पार्ट लोड के रूप में अलग-अलग वाहनों से गंतव्य तक पहुंचती है। परिवहन के दौरान कई बार वाहन बदलने की स्थिति बनती है, जिससे हर बार जियो टैगिंग में संशोधन करना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है। वहीं एक ही वाहन में विभिन्न जिंसों के अलग-अलग गेट पास होने पर प्रत्येक के लिए अलग जियो टैगिंग करना भी समय लेने वाली और जटिल प्रक्रिया बन जाती है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अधिकांश वाहन चालक तकनीकी रूप से प्रशिक्षित नहीं हैं और उनके पास आवश्यक डिजिटल संसाधनों का भी अभाव रहता है। दुर्घटना, वाहन खराब होने या ट्रांसपोर्ट के दौरान माल दूसरे वाहन में स्थानांतरित होने जैसी परिस्थितियों में जियो टैगिंग की अनिवार्यता व्यापार संचालन को और कठिन बना देती है। इसके अलावा नो-एंट्री के कारण देर रात या सुबह होने वाली लोडिंग-अनलोडिंग के समय इस प्रक्रिया का पालन करना भी बेहद मुश्किल है।

अमरनाथ मिश्र ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था के तहत आवश्यक दस्तावेज अपेक्षाकृत सरल और कम समय में तैयार हो जाते हैं, जबकि मंडी परिषद की मौजूदा प्रक्रिया पहले से ही जटिल है। ऐसे में जियो टैगिंग की नई व्यवस्था व्यापारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी का कारण बन रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश मुख्य रूप से उपभोक्ता राज्य है और प्रदेश के बाहर से आने वाले कृषि उत्पादों पर प्रथम चरण में ही मंडी शुल्क जमा हो जाता है। एकसूत्रीय मंडी शुल्क व्यवस्था लागू होने के बावजूद उसी माल के परिवहन और वितरण पर जियो टैगिंग जैसी अतिरिक्त प्रक्रिया लागू करने का कोई व्यावहारिक औचित्य नहीं है।

लखनऊ व्यापार मंडल ने मांग की कि व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं और व्यवसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए जियो टैगिंग व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो सके और व्यापारियों को अनावश्यक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।

ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के साथ राजेंद्र कुमार अग्रवाल, प्रशांत गर्ग, राजेंद्र अग्रवाल, रामशंकर अवस्थी, मोनू अग्रवाल सहित व्यापार मंडल के अनेक पदाधिकारी और व्यापारी उपस्थित रहे।

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