आगरा/लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय): ताजनगरी आगरा में व्यापारियों के हितों और उनके समक्ष आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को लेकर संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक बैठक संपन्न हुई।
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री गीता गुप्ता उपस्थित रहीं। उनके साथ व्यापार जगत के कई प्रमुख चेहरे, जिनमें वीरेंद्र मित्तल, निशांत अग्रवाल, सुशांत गौतम, भगत सिंह, आशीष और राजीव शर्मा शामिल थे, ने बैठक में सक्रिय सहभागिता की।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा आगरा के स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं पर गहन मंथन करना और उनके प्रशासनिक व कानूनी समाधान के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार करना था।
बैठक के दौरान नगर निगम द्वारा वसूले जा रहे ट्रेड लाइसेंस शुल्क का मामला सबसे प्रमुखता से छाया रहा। व्यापारियों ने अपनी बात रखते हुए कहा:
असंगत नीतियां: इससे पहले नगर निगम ने सर्राफा व्यवसायियों और जनरल स्टोर संचालकों पर यह टैक्स लगाया था, जिसका कड़ा विरोध होने के बाद उन्हें राहत दी गई थी।
मौजूदा संकट: अब यही ट्रेड लाइसेंस शुल्क शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर थोपा जा रहा है। उपस्थित सभी व्यवसायियों ने एक सुर में कहा कि यह मनमाना शुल्क व्यापार विरोधी है और इससे पर्यटन नगरी के इस मुख्य उद्योग पर बहुत बुरा और नकारात्मक वित्तीय प्रभाव पड़ रहा है।
बैठक में आगरा के ऐतिहासिक और प्रमुख व्यापारिक केंद्र गांधी मार्केट की मौजूदा बदहाल स्थिति को लेकर भी गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। व्यापारियों ने बाजार की जमीनी हकीकत बयां करते हुए निम्नलिखित मुद्दे उठाए:
अव्यवस्था का अंबार: पूरे क्षेत्र में फैली गंदगी, अनियंत्रित ट्रैफिक, चौबीसों घंटे रहने वाला भीषण जाम और बढ़ता प्रदूषण व्यापार की कमर तोड़ रहा है।
ग्राहकों की कमी: स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि बाजारों में पैदल चलना भी दूभर है, जिसके कारण ग्राहकों ने मंडियों और बाजारों का रुख करना कम कर दिया है।
इसके साथ ही शहर में हो रही अघोषित बिजली कटौती, लचर यातायात प्रबंधन और स्वच्छता के अभाव पर भी गंभीर चर्चा की गई।
व्यापारियों की चिंताओं को सुनने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री गीता गुप्ता ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा:
"संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल अपने व्यापारी भाइयों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन सभी समस्याओं को लेकर संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही संबंधित विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेगा। अगर समय रहते नगर निगम और प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो व्यापारियों को बड़ी आर्थिक क्षति होगी। इसके लिए सभी व्यापारियों को एकजुट और संगठित रहना होगा।"
बैठक के समापन पर संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने स्थानीय जिला प्रशासन और नगर निगम से पुरजोर मांग की है कि ट्रेड लाइसेंस शुल्क की समीक्षा की जाए और गांधी मार्केट सहित अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आगरा का व्यापारिक माहौल सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बन सके।

