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गृह सचिव गोविंद मोहन ने एसएसबी के 18 कर्मियों को सम्मानित किया

गृह सचिव गोविंद मोहन ने एसएसबी के 18 कर्मियों को सम्मानित किया

ई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मंगलवार को आयोजित एक सम्मान समारोह में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 18 अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया।

एक अधिकारी ने बयान में कहा कि समारोह के मुख्य अतिथि मोहन ने बहादुरी और वीरता के लिए 18 अधिकारियों और कर्मियों को वीरता पदक (जीएम) और पांच अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (पीएसएम) से सम्मानित किया।

बयान में कहा गया है कि वीरता पदक पाने वाले 18 लोगों में, दिवंगत हेड कांस्टेबल रवि शर्मा को मरणोपरांत मिले वीरता पदक को उनकी पत्नी ने प्राप्त किया।

समारोह की शुरुआत में महानिदेशक संजय सिंघल ने मुख्य अतिथि का स्वागत उन्हें एक पौधा और स्मृति चिन्ह भेंट करके किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने लिखित संदेश के माध्यम से सम्मानित सभी अधिकारियों, कर्मियों और उनके परिवारों को बधाई दी।

देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के 51 बहादुर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बहादुरी, कर्तव्य के प्रति समर्पण और देशभक्ति एसएसबी की अमूल्य विरासत है।

गृह मंत्री शाह ने नेपाल बाढ़ में जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना जताई।

उन्होंने नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के दौरान एसएसबी द्वारा की जा रही मानवीय सहायता और बचाव कार्यों की भी सराहना की और इसे बल के आदर्श वाक्य 'सेवा, सुरक्षा और भाईचारा' का जीवंत उदाहरण बताया।

गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि भारत की सीमाओं की सुरक्षा देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है और राष्ट्र निर्माण में एसएसबी की भूमिका अहम है।

उन्होंने भारत-नेपाल और भारत-भूटान की मैत्रीपूर्ण और खुली सीमाओं की सुरक्षा में एसएसबी द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की।

उन्होंने कहा कि इन सीमाओं पर बड़ी संख्या में वैध आवाजाही के बीच सुरक्षा, जन-सुविधा और शांतिपूर्ण संबंधों के बीच संतुलन बनाए रखना एसएसबी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार की गई चतुष्कोणीय सीमा सुरक्षा प्रणाली का जिक्र करते हुए गोविंद मोहन ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल, राज्य सरकारों की अग्रिम पंक्ति प्रणालियों, केंद्र सरकार के संबंधित संगठनों और सीमावर्ती समुदायों के समन्वित प्रयासों से सीमा सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि इस प्रणाली को धरातल पर लागू करने के लिए पहली महत्वपूर्ण बैठक एसएसबी की देखरेख में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में आयोजित की गई थी। उन्होंने इस पहल में एसएसबी के योगदान की सराहना की।

केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि बिना किसी भौतिक रुकावट वाली खुली सीमा को सुरक्षित करना एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण काम है। उन्होंने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एसएसबी द्वारा फेशियल रिकग्निशन, रडार, सीसीटीवी और आधुनिक निगरानी प्रणालियों के जरिए किए जा रहे तकनीकी नवाचारों की सराहना की।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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