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गुजरात ने पासपोर्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आसान की, अब पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत खत्म

गुजरात ने पासपोर्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया आसान की, अब पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत खत्म

गांधीनगर, 4 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात पुलिस ने मंगलवार को पासपोर्ट सत्यापन की एक सरल प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत आवेदकों को नियमित सत्यापन के लिए पुलिस स्टेशनों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

अब यह प्रक्रिया केवल नागरिकता और आपराधिक पृष्ठभूमि की जांच तक सीमित रहेगी, सिवाय कुछ खास मामलों के।

पासपोर्ट सत्यापन को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिक हितैषी बनाने के साथ-साथ आवेदकों को होने वाली अनावश्यक असुविधा को कम करने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने राज्यभर के सभी पुलिस स्टेशनों और पुलिस अधिकारियों को नए निर्देश जारी किए।

निर्देशों के मुताबिक, पासपोर्ट आवेदकों को सत्यापन के लिए पुलिस स्टेशनों में नहीं बुलाया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधिकारियों को केवल आवेदक की नागरिकता और आपराधिक पृष्ठभूमि की पुष्टि करने की आवश्यकता होती है।

निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुलिस को आवेदक के आवासीय पते का अलग से सत्यापन करने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, अधिकारियों को नियमित सत्यापन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने या उनके हस्ताक्षर प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है।

पुलिस किसी आवेदक के निवास पर केवल असाधारण मामलों में ही जाएगी, जब उन्हें कोई संदिग्ध बात नजर आए या वे आगे की पुष्टि को आवश्यक समझे। ऐसी परिस्थितियों में भी आवेदकों को पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।

गुजरात पुलिस ने संशोधित प्रक्रिया की घोषणा करते हुए कहा कि ये बदलाव इसलिए किए गए हैं, ताकि पासपोर्ट सत्यापन के दौरान नागरिकों को अनावश्यक रूप से बार-बार आना-जाना न पड़े और प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाया जा सके।

पुलिस ने कहा, पासपोर्ट आवेदक को सत्यापन प्रक्रिया के लिए पुलिस स्टेशन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस सत्यापन के दौरान, केवल आवेदक की नागरिकता और आपराधिक रिकॉर्ड की ही जांच की जाएगी।

निर्देशों में आगे कहा गया है कि केवल खास मामलों में, जहां कोई संदिग्ध बात नजर आए या आगे की जांच जरूरी समझी जाए, पुलिस आवेदक के घर जाएगी। ऐसे मामलों में भी, आवेदक को पुलिस स्टेशन बुलाने की कोई जरूरत नहीं है।

डीजीपी मलिक ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों को संशोधित निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। गुजरात पुलिस ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि वे सरलीकृत प्रक्रिया से परिचित हो और पासपोर्ट सत्यापन पूरा करते समय किसी भी अनावश्यक प्रक्रिया से बचे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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