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जीडीपी के आंकड़े नहीं, रोजगार और किसान आंदोलन अर्थव्यवस्था की बताएगा हकीकत : गोविंद सिंह डोटासरा

जीडीपी के आंकड़े नहीं, रोजगार और किसान आंदोलन अर्थव्यवस्था की बताएगा हकीकत : गोविंद सिंह डोटासरा

यपुर, 1 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जुबानी हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान में दिए गए समानता के अधिकार और दलित सम्मान के मुद्दे को उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े कथित 'शुद्धिकरण' मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा और आरएसएस की सोच नाथूराम गोडसे की तरह है, जबकि कांग्रेस महात्मा गांधी की विचारधारा में विश्वास करती है। महात्मा गांधी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और समानता के पक्षधर थे।

उन्होंने राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद कथित शुद्धिकरण का भी उल्लेख किया। डोटासरा ने कहा कि खड़गे लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। यदि उनके कार्यक्रम के बाद ऐसी घटना हुई तो यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों के सम्मान से जुड़ा मामला है। राहुल गांधी निडर हैं और पद के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए राजनीति करते हैं। एफआईआर से कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है और पार्टी इसका विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों के नामांकन की अंतिम तिथि के कारण कांग्रेस पहले विरोध कार्यक्रम नहीं कर सकी, लेकिन अब पार्टी इस मुद्दे पर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की भावना के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सर्वोपरि है और लोकतंत्र में जनता ही सत्ता का फैसला करती है।

जीडीपी ग्रोथ पर डोटासरा ने केंद्र सरकार के दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जीडीपी की गणना के तरीके में बदलाव करके विकास दर को ज्यादा दिखा रही है। यदि अर्थव्यवस्था वास्तव में मजबूत हो रही है तो रोजगार के अवसर क्यों घट रहे हैं और किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं? उन्होंने यूपीए सरकार के दौरान लागू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राइट टू फूड, राइट टू एजुकेशन और मनरेगा जैसी योजनाएं पिछली यूपीए सरकार की देन हैं। योजनाओं का नाम बदलने से उनकी मूल भावना नहीं बदलती।

नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर सामने आ रही नाराजगी पर डोटासरा ने कहा कि राजनीति में हर व्यक्ति को टिकट मिलना संभव नहीं है। ऐसे में कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं का नाराज होना स्वाभाविक है। पार्टी नाराज लोगों से बातचीत करेगी और भविष्य में संगठन, बोर्ड-कॉरपोरेशन या अन्य जिम्मेदारियों में उचित सम्मान देने का प्रयास करेगी। राजस्थान की 309 नगर निकायों में करीब 11,500 पार्टी सिंबल दिए गए हैं, जो कांग्रेस के इतिहास में सबसे अधिक हैं। बड़ी संख्या में युवाओं और शिक्षित उम्मीदवारों को मौका दिया गया है।

डोटासरा ने भीलवाड़ा में 14 पार्टी सिंबल जमा नहीं हो पाने के मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि कांग्रेस मामले में कमेटी बनाकर वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। यदि प्रशासन की गलती सामने आती है तो पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी। उन्होंने ओसियां और मथानिया में भी भाजपा विधायक द्वारा कथित तौर पर पुलिस सुरक्षा के बीच नामांकन प्रक्रिया में पहुंचने का आरोप लगाया। डोटासरा ने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।

राजस्थान की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि ढाई साल में अपराध बढ़ा है और राज्य में कोई बड़ा नया विकास कार्य या प्रभावी नीति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार पर केवल घोषणाएं और भाषण देने का आरोप लगाया।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम

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