Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
पाकिस्तानी सेना ने नुश्की को 'खुली जेल' में बदला, बलोच नेशनल मूवमेंट का आरोप

पाकिस्तानी सेना ने नुश्की को 'खुली जेल' में बदला, बलोच नेशनल मूवमेंट का आरोप

क्वेटा, 5 अगस्त (आईएएनएस)। बलोच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के नुश्की जिले में पिछले कुछ दिनों के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नौ नागरिकों की हत्या कर दी और दर्जनों लोगों को जबरन लापता कर दिया।

संगठन का दावा है कि यह इलाका कई महीनों से सैन्य घेराबंदी के बीच है।

बीएनएम ने नुश्की की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना ने लोगों की आवाजाही की स्वतंत्रता पूरी तरह छीन ली है और पूरे जिले को "खुली जेल" में बदल दिया है। संगठन के मुताबिक, लंबे समय से जारी सैन्य नाकेबंदी के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और परिवहन व्यवस्था लगभग ठप हो गई है।

बीएनएम का कहना है कि बीते एक सप्ताह में पाकिस्तानी सेना ने कम से कम नौ लोगों की हत्या की है, जबकि दर्जनों लोगों को जबरन गायब कर दिया गया है।

संगठन के अनुसार, सैन्य घेराबंदी के चलते दवाइयों और आवश्यक खाद्य सामग्री की भारी कमी हो गई है, जिसका सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है।

बीएनएम ने यह भी आरोप लगाया कि कर्फ्यू का फायदा उठाकर पाकिस्तानी सेना ने स्थानीय बाजारों की दुकानों में घुसकर लूटपाट की और नागरिकों की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।

संगठन के मुताबिक, यात्री और मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। यहां तक कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंसों को भी क्षेत्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

बीएनएम ने इन कार्रवाइयों को बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सरकार द्वारा अपनाई गई "सामूहिक दंड" की सबसे कठोर नीति करार दिया है।

संगठन ने दावा किया कि बलूच स्वतंत्रता आंदोलन के बढ़ते प्रभाव के कारण पाकिस्तानी सेना दबाव में है और अपना मनोबल बढ़ाने के लिए निहत्थे नागरिकों पर कार्रवाई को आंदोलन के खिलाफ बड़ी सफलता के रूप में पेश कर रही है।

बीएनएम ने बलूचिस्तान के लोगों से मौजूदा परिस्थितियों में एकजुट रहने और धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बलूच राष्ट्र की नियति आजादी है और बलूचिस्तान मोर्चे पर पाकिस्तानी सेना को अंततः करारी हार का सामना करना पड़ेगा।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बलोच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) ने भी नुश्की में सैन्य घेराबंदी और कर्फ्यू की आलोचना करते हुए इसे बलूच लोगों को सामूहिक रूप से दंडित करने की सरकारी नीति बताया था। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान, विशेषकर नुश्की की स्थिति पर ध्यान देने और मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की थी।

--आईएएनएस

डीएससी

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Aapka Rajasthan