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पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती: आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार पूछताछ के लिए सीआईडी के समक्ष हुए पेश

पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती: आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार पूछताछ के लिए सीआईडी के समक्ष हुए पेश

बेंगलुरु, 28 अगस्त (आईएएनएस)। आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार कथित पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए शुक्रवार को बेंगलुरु में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के समक्ष पेश हुए।

यह घटना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके आवास पर तलाशी लेने और कथित तौर पर उनकी तलाश में पुलिस दल के उत्तर प्रदेश जाने के कुछ दिनों बाद हुई।

भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा नियंत्रक के रूप में कार्यरत ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार सीआईडी ​​कार्यालय में जांच अधिकारी एसीपी राघवेंद्र हेगड़े के समक्ष पेश हुए और पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं के संबंध में उनसे पूछताछ की गई।

यह घटनाक्रम अधिकारी के ठिकाने को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने ईडी द्वारा ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के आवास पर तलाशी के बाद सरकार के बयानों को लेकर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे से सवाल किया था।

ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने कथित तौर पर सरकार को पत्र लिखकर 15 दिन की छुट्टी मांगी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पिता को दिल का दौरा पड़ा है। हालांकि, ईडी की तलाशी के बाद अधिकारियों की एक टीम कथित तौर पर उन्हें ढूंढने के लिए उनके पैतृक गांव उत्तर प्रदेश गई। लेकिन, वे वहां नहीं मिले।

इसके बाद अधिकारी शुक्रवार को बेंगलुरु में सीआईडी ​​के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए, जिससे चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई।

भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच ईडी और सीआईडी ​​दोनों कर रही हैं। ईडी मामले के वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है, जबकि सीआईडी ​​भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और विभिन्न अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।

कुमारस्वामी द्वारा ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के ठिकाने के संबंध में खरगे के बयानों पर सवाल उठाने के बाद इस मामले ने राजनीतिक गति भी पकड़ ली है। खरगे ने पहले कहा था कि अधिकारी ने अपने पिता की खराब सेहत के कारण लिखित में छुट्टी मांगी थी और सरकार के पास आधिकारिक छुट्टी के अनुरोध पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं था।

इसी बीच, निलंबित कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकर भी जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए सीआईडी ​​के सामने पेश हुए थे।

ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार और शिवशंकरप्पा साहूकार से पूछताछ से जांचकर्ताओं को भर्ती प्रक्रिया से संबंधित घटनाओं के क्रम को स्थापित करने और यह निर्धारित करने में मदद मिलने की उम्मीद है कि क्या कोई अधिकारी या अन्य व्यक्ति कथित अनियमितताओं में शामिल थे। ईडी और सीआईडी ​​की जांच जारी है।

गौरतलब है कि पिछले रविवार को ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के आवास पर उस समय काफी हंगामा हुआ था जब ईडी के अधिकारी कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की चल रही जांच के सिलसिले में वहां छापेमारी करने पहुंचे थे।

2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार वर्तमान में कर्नाटक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में एमएसएमई के निदेशक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले वे केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के रूप में कार्यरत थे, जब पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी।

--आईएएनएस

एसएचके/डीएससी

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