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तमिलनाडु के मंत्रियों से मिले विदेश सचिव, नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के बारे में की चर्चा

तमिलनाडु के मंत्रियों से मिले विदेश सचिव, नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के बारे में की चर्चा

ई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार को आधव अर्जुन के नेतृत्व में तमिलनाडु के वरिष्ठ मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित दक्षिणी राज्य के यात्रियों सहित भारतीय नागरिकों के लिए भारत की ओर से चल रहे राहत और सहायता प्रयासों के बारे में चर्चा हुई।

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब नेपाल की भोटे कोशी नदी में आई भयानक बाढ़ के बाद 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज तमिलनाडु के वरिष्ठ मंत्रियों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसका नेतृत्व थिरु आधव अर्जुन कर रहे थे। उन्होंने उन्हें नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित भारतीय नागरिकों (जिनमें तमिलनाडु के यात्री भी शामिल हैं) के लिए एमईए और नेपाल में भारतीय दूतावास द्वारा किए जा रहे राहत और सहायता कार्यों के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ मंत्रियों ने विदेश मंत्रालय के 'सिचुएशन रूम' का भी दौरा किया, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए 24 घंटे काम कर रहा है।"

गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने बताया कि रसुवा जिले में त्रिशूली-I प्रोजेक्ट पर काम कर रहे 63 भारतीय कर्मचारियों और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तमिलनाडु के 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने एक आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम को नेपाल भेजने का आदेश दिया है। यह टीम हिमालयी देश के उत्तरी इलाके में आई भयानक बाढ़ के बाद फंसे तमिलनाडु के निवासियों को बचाने के प्रयासों में समन्वय करेगी।

यह फैसला मुख्यमंत्री विजय द्वारा गुरुवार को अधिकारियों के साथ एक आपातकालीन बैठक करने के बाद लिया गया, जिसमें आपदा में फंसे राज्य के लोगों की स्थिति की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के गृह आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली से काठमांडू जाएगा, वहां फंसे तमिल लोगों की स्थिति का जायजा लेगा और बचाव कार्यों में समन्वय के लिए नेपाल सरकार के साथ मिलकर काम करेगा।

नेपाल की भोटे कोशी नदी में अचानक आई भयानक बाढ़ के कारण 469 लोगों की मौत हो गई है जबकि 977 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

माना जा रहा है कि यह बाढ़ नेपाल और चीन के बीच बहने वाली नदी पर हिमस्खलन के कारण आई है। नदी के बहाव की दिशा में किनारों पर भारी तबाही हुई है, जिसमें कई बस्तियां, सड़कें, पनबिजली परियोजनाएं और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं बह गई हैं।

नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, नेपाल के विभिन्न जिलों से 469 शव बरामद किए गए हैं। संपर्क से बाहर रहे 977 लोगों में से 517 विदेशी नागरिक हैं। अथॉरिटी के मुताबिक, संपर्क से बाहर लोगों में विदेश में रहने वाले 127 नेपाली भी शामिल हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, संपर्क से बाहर रहने वालों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 45 जवान, आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 जवान, कस्टम ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी शामिल हैं।

अथॉरिटी ने बताया कि इस आपदा में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं, जिनमें रासुवा में 43, धाडिंग में तीन और नुवाकोट में 27 लोग शामिल हैं।

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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