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पुणे विधान परिषद चुनाव : 'जिजाई' बंगले में चली घंटों मंथन की बैठक, सुनील टिंगरे के बाहर निकलते ही....

पुणे विधान परिषद चुनाव : 'जिजाई' बंगले में चली घंटों मंथन की बैठक, सुनील टिंगरे के बाहर निकलते ही....

- 'जिजाई' बंगले में देर रात से चली राजनीतिक हलचलImage Source:(Internet)
पुणे। पुणे स्थानीय स्वराज्य संस्था मतदारसंघ से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के उम्मीदवार को लेकर सोमवार को 'जिजाई' बंगले में जबरदस्त राजनीतिक हलचल देखने को मिली।

रविवार देर रात पुणे स्थित एनसीपी कार्यालय में हुई बैठक में सांसद संजय काकड़े के पुत्र विक्रम काकड़े के नाम पर लगभग सहमति बन चुकी थी। हालांकि सोमवार सुबह पार्टी के कुछ निष्ठावान कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं द्वारा इस निर्णय पर आपत्ति जताए जाने के बाद उनकी उम्मीदवारी एक बार फिर संशय में आ गई। पार्टी के एक वर्ग का मानना था कि टिकट ऐसे नेता को दिया जाना चाहिए, जो लंबे समय से अजित पवार के नेतृत्व में संगठन के लिए कार्य कर रहा हो। इस कारण नए चेहरे के रूप में विक्रम काकड़े को उम्मीदवार बनाए जाने का विरोध शुरू हो गया। इसके बाद 'जिजाई' बंगले में लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर चलता रहा।

सुनेत्रा पवार और दिलीप वळसे पाटिल ने संभाली स्थिति
सोमवार सुबह से 'जिजाई' बंगले में सांसद संजय काकड़े, विक्रम काकड़े, पूर्व विधायक सुनील टिंगरे, वरिष्ठ नेता दिलीप वळसे पाटिल, सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार और जय पवार मौजूद रहे। संजय काकड़े अपने पुत्र की उम्मीदवारी के समर्थन में डटे रहे, जबकि दूसरी ओर पार्टी के भीतर असंतोष को दूर करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं ने संभाली। दिलीप वळसे पाटिल और सुनेत्रा पवार ने नाराज कार्यकर्ताओं और नेताओं से चर्चा कर उन्हें मनाने का प्रयास किया। लंबे मंथन के बाद अंततः विरोध के स्वर शांत हुए और पार्टी के भीतर सहमति का माहौल बना। सूत्रों के अनुसार इसी दौरान विक्रम काकड़े के एनसीपी में औपचारिक प्रवेश की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी।

एनसीपी की उपरणी पहुंचते ही साफ हो गया संकेत
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया, जब अंतिम समय में एनसीपी की उपरणी (पार्टी का दुपट्टा) 'जिजाई' बंगले में मंगाई गई। राजनीतिक जानकारों ने इसे स्पष्ट संकेत माना कि विक्रम काकड़े का पार्टी प्रवेश और उनकी उम्मीदवारी दोनों लगभग तय हो चुके हैं। इसी बीच संभावित दावेदार सुनील टिंगरे बंगले से बाहर निकले। मीडिया से बातचीत में उन्होंने किसी भी प्रकार की नाराजगी से इनकार करते हुए कहा कि वे केवल पार्टी कार्यालय में आगे की तैयारियों के लिए जा रहे हैं। टिंगरे के इस बयान और उनके बंगले से बाहर निकलने के साथ ही यह लगभग स्पष्ट हो गया कि पुणे विधान परिषद सीट के लिए एनसीपी का उम्मीदवार विक्रम काकड़े ही होंगे।

कौन हैं विक्रम काकड़े?
विक्रम काकड़े सांसद संजय काकड़े के पुत्र हैं और लंबे समय से अजित पवार के समर्थक माने जाते हैं। राजनीतिक और व्यावसायिक क्षेत्र में उनकी अलग पहचान है। वे एक सफल रियल एस्टेट डेवलपर होने के साथ-साथ खेल जगत में भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं। विक्रम काकड़े चार बार राज्य स्तरीय शूटिंग चैंपियन रह चुके हैं तथा राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने इटली, फ्रांस, जर्मनी और थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया है। अब एनसीपी में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद वे पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पुणे विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं। संभावना है कि इस दौरान सुनेत्रा पवार भी उनके साथ मौजूद रहेंगी।

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