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त्विशा शर्मा सुसाइड केस : CBI ने सास गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड मांगी, समर्थ सिंह की हिरासत बढ़ाने की भी मांग

त्विशा शर्मा सुसाइड केस : CBI ने सास गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड मांगी, समर्थ सिंह की हिरासत बढ़ाने की भी मांग

ImgSource(Internet)

ई दिल्ली। नोएडा निवासी त्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को भोपाल जिला अदालत में त्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड मांगी।

इसके साथ ही एजेंसी ने आरोपी पति समार्थ सिंह की हिरासत को भी पांच दिन के लिए बढ़ाने की मांग की है। अदालत में पेशी के दौरान गिरिबाला सिंह के वकील ने कहा कि उन्हें CBI की रिमांड मांग पर कोई आपत्ति नहीं है। गुरुवार को CBI ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया। गिरफ्तारी से एक दिन पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने 15 मई को भोपाल की 10वीं अतिरिक्त सत्र अदालत द्वारा दी गई राहत को निरस्त कर दिया था।

दहेज प्रताड़ना और दहेज मृत्यु के गंभीर आरोप
त्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई को त्विशा की मौत के बाद उसके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। गिरिबाला सिंह पर धारा 80(2) के तहत दहेज मृत्यु, धारा 85 के तहत महिला के साथ क्रूरता और धारा 3(5) के तहत समान मंशा से किए गए अपराध का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद अब जांच एजेंसियों को हिरासत में पूछताछ सहित अन्य जरूरी जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच के दिए निर्देश
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने CBI को मामले की जांच अपने हाथ में लेकर तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। अदालत ने मृतका के परिवार और आरोपियों समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह-दोनों से कहा था कि वे जांच को प्रभावित करने वाले सार्वजनिक बयान देने से बचें। वहीं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई में तेजी लाने का फैसला किया और 27 मई को दोपहर 2:30 बजे तत्काल सुनवाई तय की थी। अदालतों के हस्तक्षेप के बाद अब पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

मौत की परिस्थितियों की जांच जारी
CBI फिलहाल त्विशा शर्मा की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मौत के पीछे दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न या किसी अन्य आपराधिक साजिश की भूमिका थी या नहीं। जांच के तहत परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। वहीं तविशा के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और न्याय की मांग की है। यह मामला देशभर में दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस का कारण बन गया है।

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