Personal Loan Tips: आज के समय में बढ़ती महंगाई को देखते हुए लोग अपने परिवार की और खुद की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्सनल लोन का सहारा लेते हैं. पर्सलन लोन लेना भी आसान है, लेकिन उससे पहले EMI और कुल ब्याज का अंदाजा लगाना बहुत जरूरी है.
आपकी EMI लोन अमाउंट, ब्याज दर और अवधि पर निर्भर करती है. आमतौर पर पर्सनल लोन की ब्याज दर 9.75 प्रतिशत से 15 प्रतिशत के बीच होती है, इसलिए पर्सनल लोन लेने से पहले सही जानकारी और प्लानिंग करना बेहद जरूरी है.
अगर आप 5 लाख का पर्सनल लोन 5 साल के लिए लेने की सोच रहे हैं तो इसमें सबसे जरूरी चीज होती है ब्याज दर यानी Interest Rate. क्योंकि ब्याज दर थोड़ी सी बढ़ने या फिर घटने ले आपकी EMI और कुल भुगतान पर सीधा असर पड़ता है.
आप अगर 5 लाख का लोन 5 साल के लिए लेते हैं तो आपकी EMI और कुल भुगतान इस तरह होगा...
6.5 प्रतिशत ब्याज दर पर EMI और कुल खर्च
ऐसे में आपकी हर महीने की EMI लगभग 9 हजार 783 बनेगी.
यानी पूरे 5 साल में आपको कुल 5 लाख 86 हजार 984 रुपये चुकाने होंगे.
कुल ब्याज होगा- 86 हजार 984
9 प्रतिशत ब्याज दर पर क्या होगा?
ऐसे में आपकी हर महीने की EMI लगभग 10 हजार 379 बनेगी.
यानी पूरे 5 साल में आपको कुल 6 लाख 22 हजार 751 चुकाने होंगे.
कुल ब्याज होगा- 1 लाख 22 हजार 751
10 प्रतिशत ब्याज दर पर कितना बढ़ेगा बोझ?
अगर वहीं ब्याज दर बढ़कर 10 प्रतिशत हो जाता है तो EMI भी बढ़कर लगभग 10 हजार 624 रुपए हो जाएगी.
इसमें आपको कुल भुगतान 6 लाख 37 हजार 411 रुपए होगा.
कुल ब्याज- 1 लाख 37 हजार 411 रुपए
11 प्रतिशत ब्याज दर पर क्या होगा असर?
अब अगर ब्याज दर 11 प्रतिशत हो जाता है तो आपकी EMI बढ़कर 10 हजार 871 हो जाएगी.
इस पर आपको कुल मिलाकर 6 लाख 52 हजार 273 रुपए चुकाने होंगे.
कुल ब्याज- 1 लाख 52 हजार 273 रुपए
12 प्रतिशत पर क्या होगा?
ऐसे में आपकी हर महीने की EMI लगभग ₹11,122 बनेगी.
यानी पूरे 5 साल में आपको कुल 6 लाख 67 हजार 333 रुपये चुकाने होंगे.
कुल ब्याज - 1 लाख 67 हजार 333 रुपये.
13 प्रतिशत के लिए ब्याज दर जानें
ऐसे में आपकी हर महीने की EMI लगभग ₹11,377 बनेगी.
यानी पूरे 5 साल में आपको कुल 6 लाख 82 हजार 592 रुपये चुकाने होंगे.
कुल ब्याज - 1 लाख 82 हजार 592 रुपये.
लोन लेने से पहले फॉलो करें ये टिप्स
1- लोन लेने से पहले अपना अपना क्रेडिट स्कोर चेक करें. क्रेडिट स्कोर अच्छा होता तो लोन मिलने में आसानी होगी.
2- सस्ती ब्याज दरों के लिए बैंक एजेंट से मोलभाव करें.
3- सिर्फ एक बैंक पर निर्भर न रहें. सभी बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करें.
4- Hidden Charges, जैसे प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्जेस और लेट पेमेंट फीस पर ध्यान दें.
5- अपनी कंपनी और एम्प्लॉयमेंट का लाभ उठाएं.
6- EMI और अपनी क्षमता का आकलन करें.
Author : एबीपी यूटिलिटी डेस्क

