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आगरा में जिप लाइन हादसे में 16 साल के किशोर की मौत, 45 फीट ऊपर से गिरा; दो आरोपी गिरफ्तार

आगरा में जिप लाइन हादसे में 16 साल के किशोर की मौत, 45 फीट ऊपर से गिरा; दो आरोपी गिरफ्तार

त्तर प्रदेश के आगरा में रविवार को फेज-2 स्थिति आगरा विकास प्राधिकरण चौपाटी में एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया.जिसमें फिरोजाबाद के रहने वाले पंकज कुमार अग्रवाल के 16 वर्षीय पुत्र कुणाल की जिप लाइन का लॉक टूटने से 45 फिट ऊपर से गिरने के कारण मौत हो गयी.परिजनों की शिकायत पर संचालन करने वाले मैनजेर समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

पीड़ित पिता की मानें तो जिप लाइन की कर्मचारियों की वजह से उनके बेटे की मौत हुई, क्यूंकि बिना लॉक के ही बेटे को लाइन पर धक्का दे दिया था और वो लॉक खुलते ही नीचे आ गिरा. हादसे के बाद आगरा प्रशासन ने पूरी चौपाटी को ही बंद कर दिया है.

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क्या था पूरा घटनाक्रम ?

पीड़ित पंकज अग्रवाल ने बताया कि "मेरा बेटा जिप लाइन पर खड़ा होकर नीचे डाइविंग करने के लिए पूरी तरह तैयार था.लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों की लापरवाही की पराकाष्ठा देखिए उन्होंने जिप लाइनर का लॉक ठीक से लगाया ही नहीं और बच्चे को आगे धक्का मार दिया. लॉक न लगे होने के कारण कुणाल महज 10 फीट आगे बढ़ते ही सीधे 45 फीट की ऊंचाई से कंक्रीट के फर्श पर आ गिरा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई."

पंकज अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इस लापरवाह कंपनी के विरुद्ध थाना ताजगंज में तहरीर दे दी है.उन्होंने पुलिस की त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, "पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया है, मैं पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हूँ, लेकिन पार्क के इस लचर सुरक्षा सिस्टम और एडीए की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

दो आरोपी गिरफ्तार

पिता पंकज अग्रवाल की तहरीर पर आगरा के थाना ताजगंज में संबंधित धाराओं में गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है.पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.संतोष कुमार दुबे (मैनेजर, निवासी डिफेंस कॉलोनी, सदर, आगरा),अभिषेक (सुरक्षा प्रभारी, निवासी गाजीपुर, दिल्ली).इसके साथ ही, एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन करने वाली दिल्ली स्थित मुख्य कंपनी के संचालक को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है.

पकड़ा गया कर्मचारियों का झूठ, लापरवाही आई सामने

हादसे के बाद पार्क के कर्मचारियों और जिम्मेदारों ने पुलिस को गुमराह करने की साजिश रची थी.शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया था कि किसी अन्य बच्चे का हाथ लग जाने के कारण लॉक खुल गया था.एसीपी ताज सुरक्षा मयंक तिवारी के मुताबिक, जांच में आरोपियों का यह झूठ बेनकाब हो गया.सीसीटीवी और चश्मदीदों से साफ हुआ कि सुरक्षा प्रभारी अभिषेक खुद कुणाल को जिप लाइन पर सवार करा रहा था.उसने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की और हुक को ठीक से चेक नहीं किया.इसी घोर लापरवाही के चलते जैसे ही कुणाल महज 10 फीट आगे बढ़ा, हुक टूट गया और वह सीधे नीचे आ गिरा.

5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित, 3 दिन में मांगी रिपोर्ट

इस दर्दनाक हादसे के बाद आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) में भी हड़कंप मचा हुआ है.एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने बताया कि 'ईओडी एडवेंचर पार्क' कंपनी के सभी प्रमाण पत्रों, एनओसी और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच के लिए एडीए सचिव की अध्यक्षता में एक 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है.जांच पूरी होने और सुरक्षा प्रमाण पत्र री-वेरिफाई होने तक चौपाटी पर पूरी तरह ताला लटका रहेगा.

मोटा मुनाफा, पर जिंदगी से खिलवाड़: स्थानीय लोगों का आक्रोश

हादसे के बाद स्थानीय जनता और पर्यटकों में भारी आक्रोश है.लोगों का आरोप है कि एडवेंचर पार्क की कंपनी 600 प्रति व्यक्ति जैसी मोटी फीस वसूल रही थी, लेकिन इसके बावजूद वहां न तो कोई एक्सपर्ट गाइड तैनात था और न ही झूलों की फिटनेस की नियमित जांच की जा रही थी.बिना मानक और अनफिट उपकरणों के सहारे लोगों की जान को सीधे जोखिम में डाला जा रहा था, जिसका खामियाजा फिरोजाबाद के गांधीनगर के एक हंसते-खेलते परिवार को अपने मासूम बेटे को खोकर भुगतना पड़ा.

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Author : रंजीत गुप्ता

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