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भारत लौटने पर कॉमनवेल्थ खिलाड़ियों का भव्य स्वागत, जीते हैं 39 मेडल

भारत लौटने पर कॉमनवेल्थ खिलाड़ियों का भव्य स्वागत, जीते हैं 39 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय खिलाड़ी सोमवार को स्वदेश लौटे, जहां दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया.

खिलाड़ियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, परिवार के सदस्य, खेल अधिकारी और समर्थक मौजूद रहे. ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं और भारत माता के जयघोष के बीच खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया.

एयरपोर्ट पर दिखा जश्न का माहौल

आईजीआई एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया. इस सम्मान से अभिभूत खिलाड़ियों ने देशवासियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह पल उनके लिए बेहद खास है. उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में भी वे भारत के लिए पदक जीतने की पूरी कोशिश करेंगे. बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के 96 साल के इतिहास में पहली बार भारत ने मुक्केबाजी में सात स्वर्ण पदक जीते हैं. उन्होंने इसे भारतीय बॉक्सिंग के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सहयोगी संस्थाओं को इसका श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से दुनिया में भारतीय मुक्केबाजों की पहचान और मजबूत हुई है.

स्वर्ण पदक विजेता साक्षी चौधरी ने एयरपोर्ट पर मिले शानदार स्वागत पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि इतने लोगों का प्यार और सम्मान देखकर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है. साक्षी ने भारत सरकार, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और हरियाणा सरकार का सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि बेहतर सुविधाओं और प्रशिक्षण की बदौलत यह सफलता मिली है. उन्होंने अपना स्वर्ण पदक देशवासियों को समर्पित किया. साक्षी के दादा सतपाल सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी पोती पर गर्व है. उन्होंने युवाओं से मेहनत और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की अपील की. वहीं साक्षी की भाभी प्रिया ने कहा कि उनकी जीत पूरे परिवार के लिए भावुक कर देने वाला पल था.

प्रीति और अरुंधति ने साझा किए अपने अनुभव

भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कहा कि टीम का प्रदर्शन शानदार रहा और स्वदेश लौटने पर मिला सम्मान खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाला है. उन्होंने भारत सरकार और भारतीय सेना के सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि अब जल्द ही राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर शुरू होगा, जहां एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी की जाएगी.

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वहीं अरुंधति चौधरी ने अपनी सफलता का श्रेय भारतीय सेना, आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट और कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस को दिया. उन्होंने कहा कि सेना का हिस्सा होने से देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. अरुंधति ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य उज्बेकिस्तान में होने वाला वर्ल्ड कप है, जिसके लिए वह पूरी मेहनत से तैयारी करेंगी.

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Author : संजना कुमारी

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