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'BJP सरकार है या वॉटर फिल्टर?' MLA सचिन यादव के निलंबन पर भड़के अखिलेश

'BJP सरकार है या वॉटर फिल्टर?' MLA सचिन यादव के निलंबन पर भड़के अखिलेश

त्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव के दो दिन के लिए निलंबन को लेकर सियासत तेज हो गई है. इस कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है.

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की आजादी पर सवाल उठाए हैं.

समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव को विधानसभा में हंगामे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर दिखाकर विरोध करने के मामले में सदन की कार्यवाही से दो दिनों के लिए निष्कासित कर दिया गया. इसके चलते वह आगामी दो दिनों तक विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

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इस कार्रवाई के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने लिखा, "बीजेपी कुशासन में आम जनता तो छोड़िए, उत्तर प्रदेश विधानसभा तक में विधायकों की भी अभिव्यक्ति पर आपत्ति करना निंदनीय है लेकिन उससे अधिक निंदनीय ये है कि सदन के बाहर जो सत्ताधारी महिलाओं का अपमान करते हैं, वो सदन तक में महिला विधायकों से शालीन व्यवहार नहीं करते हैं."

उन्होंने आगे कहा, "जनता तो बस इतना पूछ रही है कि अगर माननीय मुख्यमंत्री जी की बनाई SIT ने 'दूध का दूध पानी का पानी' कर दिया था तो क्या नई SIT पानी का भी पानी करेगी. बीजेपी सरकार है या वॉटर फ़िल्टर?"

विधानसभा में क्या हुआ था?

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली. इसी दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक सचिन यादव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर लेकर सदन में विरोध जताने लगे. सदन की कार्यवाही में व्यवधान और अध्यक्ष के निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप में विधानसभा अध्यक्ष ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें दो दिनों के लिए सदन से निष्कासित कर दिया.

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सचिन यादव के निलंबन के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कार्रवाई बता रही है, जबकि सत्ता पक्ष सदन की मर्यादा बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम बता रहा है. ऐसे में विधानसभा के इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.

Author : एबीपी स्टेट डेस्क

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