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China Debt Trap Diplomacy: दुनिया के कितने देशों पर चीन का कर्ज, कहां-कहां दिया उधार?

China Debt Trap Diplomacy: दुनिया के कितने देशों पर चीन का कर्ज, कहां-कहां दिया उधार?

China Debt Trap Diplomacy: साल 2013 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बेल्ट एंड रोड एनीशिएटीव को मंजूरी दी. जिसके बाद चीन ने एशिया, युरोप और अफ्रिका में बड़े पैमाने पर अलग-अलग देशों में रोड, रेल, पुल जैसे बुनियादी ढ़ाचे को बनाने के लिए भारी निवेश करना शुरू कर दिया.

इस प्रोजेक्ट को खासतौर पर दुनियाभर के विकासशील देशों को कर्ज देकर चीन से जोड़ने के लिए बनाया गया है. चीन सालों से दुनिया का सबसे बड़ा कर्ज देने वाला देश बना हुआ है. लेकिन क्या आप जानते है कि अब तक कितने देशों पर चीन का कर्ज है और चीन ने ये पैसा कहां-कहां उधार दिया है.

चीन का कर्ज जाल

चीन के कई सारे लोन बेल्ट एंड रोड एनीशिएटीव के जरिए ही दिए गए. जिसका उद्देश्य बड़े विकास के प्रोजेक्ट लेना है. इन प्रोजेक्ट के टेंडर चीन की ही बड़ी कंपनियों को दिए जाते है ताकि लोन का पैसा डुबने का खतरा कम हो सके. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय शोध संस्थान के अनुसार चीन ने दुनिया के लगभग 150 से ज्यादा विकासशील और गरीब देशों को भारी-भरकम कर्ज दे रखा है. अगर इस सूची में अमीर देशों को भी जोड़ा जाए, तो ये आंकड़ा 200 देशों के पार चला जाता हैं. एक अनुमान के मुताबिक विकासशील देशों पर चीन का कुल 94 लाख करोड़ रुपये यानी 1.1 ट्रिलियन डॉलर का बकाया हैं.

चीन ने कहां दिया है सबसे ज्यादा उधार?

चीन ने अपना कर्ज किसी एक इलाके में नहीं बल्कि एशिया, अफ्रिका, लैटिन अमेरिका, और यूरोप तक फैला रखा है. इसमें सबसे पहले नाम पाकिस्तान का आता है, चीन ने पाकिस्तान को 68.9 बिलियन डॉलर का कर्ज दे रखा है. इससे वहां 2 लाख से ज्यादा नौकरियों का बड़ा उछाल देखा गया है. जिसमें चीन 1400 किमी लंबी रोड, नए बिजलीघरों, बंदरगाहों का निर्माण कर रहा है. अंगोला भी चीन के सबसे बड़े कर्जदारों में से एक है. अंगोला पर चीन का 64.8 बिलियन डॉलर का उधार है. अंगोला अब ये कर्ज चुकाने में सक्षम नहीं है, इसलिए वो अपने तेल उत्पादन के बदले चीन का कर्ज चुका रहा है. साथ ही श्रीलंका ने भी इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर चीन से इतना कर्ज लिया कि वह उसे चुका नहीं पाया. जिसके कारण श्रीलंका को अपना हम्बनटोटा बंदरगाह 99 साल के लिए चीन को लीज पर देना पड़ा. इसके अलावा अफ्रिका के कई सारे देश केन्या, इथोपिया, जाम्बिया, मिस्त्र जैसे देश भी चीन के भारी कर्ज में डूबे हैं.

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आखिर इतना कर्ज क्यों दे रहा चीन?

चीन की इस जालसाशी को दुनिया के एक्सपर्ट्स डेब्ट ट्रैप डिप्लोमेसी यानी कर्ज का जाल कह रहे हैं. चीन अक्सर उन देशों को बहुत आसानी से और महंगे ब्याज पर लोन देता है, जिन्हें वर्ल्ड बैंक या आईएमएफ जैसी संस्थाएं लोन देने से मना कर देती हैं. लेकिन जब ये गरीब देश कर्ज और उसका भारी ब्याज नहीं चुका पाते, तो चीन उन देशों की जमीनों या महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों पर अपना नियंत्रण कर लेता है.

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Author : एबीपी लाइव

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