कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने 110 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. लवप्रीत स्नैच राउंड के बाद शीर्ष पर चल रहे थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में आखिरी प्रयास के दौरान हुई छोटी सी चूक की वजह से गोल्ड मेडल से चूक गए और सिल्वर से संतोष करना पड़ा.
मेडल जीतने के बाद लवप्रीत सिंह ने ABP News के कंसल्टेंट रवीश बिष्ट से खास बातचीत की. पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश —
सवाल : आपने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीता है. अपनी इस उपलब्धि को आप कैसे देखते हैं?
लवप्रीत सिंह: जब सालों की कड़ी मेहनत का फल मिलता है तो बहुत अच्छा लगता है. कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बड़े मंच पर देश के लिए मेडल जीतना गर्व की बात है. मैं इस उपलब्धि से खुश हूं और आगे इससे भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा.
सवाल : स्नैच में आप सबसे आगे थे, लेकिन क्लीन एंड जर्क में थोड़ा पीछे रह गए। उस समय आपके दिमाग में क्या चल रहा था?
लवप्रीत सिंह: जी हां, स्नैच में मैंने अच्छी बढ़त बना ली थी. लेकिन क्लीन एंड जर्क के मेरे तीसरे प्रयास में फाउल हो गया. यही मेरे लिए बैड लक साबित हुआ. अगर वह लिफ्ट सफल हो जाती तो मेरे पास गोल्ड मेडल जीतने का पूरा मौका था. न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन आखिरी प्रयास में हुई मेरी गलती की वजह से मैं गोल्ड नहीं जीत पाया और सिल्वर मेडल मिला.
सवाल : वेटलिफ्टिंग की ओर आपका रुझान कैसे बना? आपको प्रेरणा कहां से मिली?
लवप्रीत सिंह: हमारे गांव के दो खिलाड़ी वेटलिफ्टिंग करते थे. उनके बारे में सुनकर और उन्हें देखकर मुझे काफी प्रेरणा मिली. तभी मैंने सोचा कि जब वो यह कर सकते हैं तो मैं भी कर सकता हूं. वहीं से मेरा रुझान वेटलिफ्टिंग की तरफ बढ़ा और मैंने इसी खेल को अपना लक्ष्य बना लिया.
सवाल : कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद अब आपका अगला लक्ष्य क्या है?
लवप्रीत सिंह: अब मेरा पूरा फोकस सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स पर है. मेरा लक्ष्य वहां भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है. ट्रेनिंग में कोई कमी नहीं छोड़ूंगा. कॉमनवेल्थ गेम्स का यह सिल्वर भविष्य में गोल्ड में बदलना ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है.
सवाल : अपनी इस सफलता का श्रेय आप किसे देना चाहेंगे?
लवप्रीत सिंह: मैं अपने पूरे कोचिंग स्टाफ और वेटलिफ्टिंग फेडरेशन का धन्यवाद करना चाहता हूं. उन्होंने हर स्तर पर मेरा पूरा सहयोग किया. जहां-जहां ट्रेनिंग की जरूरत थी, वहां ट्रेनिंग कराई गई. हमें विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलीं और कोचों ने भी पूरी मेहनत की. इस सफलता में उन सभी का बहुत बड़ा योगदान है.
सवाल : वेटलिफ्टिंग करियर का टर्निंग प्वाइंट क्या रहा?
लवप्रीत सिंह: मेरे करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स रहे, जहां मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. उस मेडल ने मुझे बहुत आत्मविश्वास दिया. वहीं से मुझे लगा कि मैं बड़े स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं. उसी प्रेरणा के दम पर आज मैं सिल्वर मेडल तक पहुंचा हूं और आगे गोल्ड जीतने का लक्ष्य लेकर मेहनत कर रहा हूं.
Author : रवीश बिष्ट

