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Hindu Population Iran: क्या ईरान में भी है कोई मंदिर, जानें वहां कितनी है हिंदू आबादी?

Hindu Population Iran: क्या ईरान में भी है कोई मंदिर, जानें वहां कितनी है हिंदू आबादी?

Hindu Population Iran: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के दौरान दुनिया का ध्यान एक बार फिर से इस क्षेत्र की तरफ मुड़ गया है. जहां एक तरफ यह संघर्ष सुर्खियों में छाया हुआ है वहीं दूसरी तरफ लोगों के मन में एक अनोखा सवाल भी उठ रहा है.

क्या ईरान में हिंदू मंदिर हैं? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब और साथ ही यह भी कि ईरान में कितनी हिंदू आबादी है.

ईरान में कितनी हिंदू आबादी?

ईरान में रहने वाले हिंदुओं की संख्या काफी सीमित है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में लगभग 20000 से 40000 हिंदू रहते हैं. यह देश की 93 मिलियन की कुल आबादी का 0.05% से भी कम हिस्सा है. इसके अलावा भारत सरकार के हालिया आंकड़ों के मुताबिक लगभग 9000 भारतीय नागरिक जिनमें छात्र, व्यापारी और मजदूर शामिल हैं वर्तमान में ईरान में रह रहे हैं.

बंदर अब्बास का ऐतिहासिक विष्णु मंदिर

ईरान में हिंदू विरासत के सबसे बड़े उदाहरणों में से एक विष्णु मंदिर है. इसे स्थानीय रूप से इबादतगाह-ए-हिंदू के नाम से जाना जाता है. इसका मतलब होता है हिंदुओं का पूजा स्थल. इस मंदिर का निर्माण 1892 में गुजरात के उन हिंदू व्यापारियों ने करवाया था जो व्यापार के उद्देश्य से बंदर अब्बास के बंदरगाह शहर में आकर बस गए थे. इसके वास्तुकला काफी अनोखी है. इसमें भारतीय मंदिर वास्तुकला और ईरानी तत्वों का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है. आज इस मंदिर में रोजाना पूजा पाठ नहीं होती. इसे एक सांस्कृतिक विरासत स्थल और संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है.

चाबहार और तटीय व्यापार रास्तों के पास मंदिर

एक और जरूरी स्थल चाबहार के बंदरगाह शहर के पास स्थित है. यहां एक हिंदू मंदिर है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसका निर्माण भी गुजराती व्यापारियों ने ही करवाया था. इन मंदिरों की स्थापना मुख्य रूप से तटीय व्यापार मार्गों के किनारे की गई थी. यहां भारतीय व्यापारी अक्सर व्यापार के सिलसिले में आया करते थे. ये मंदिर ना सिर्फ पूजा पाठ के स्थलों के रूप में काम करते थे बल्कि विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में भी अपनी भूमिका निभाते थे.

दूसरे शहरों में मंदिर

ऐतिहासिक मंदिरों के अलावा तेहरान, जहेदान और इस्फहान जैसे शहरों में हिंदुओं के पूजा के छोटे स्थान भी होने की खबर है. इन जगहों पर हिंदू समुदाय के लोग दीवाली जैसे त्योहार मनाने और धार्मिक रस्में पूरी करने के लिए इकट्ठा होते हैं.

हालांकि ईरान में हिंदू आबादी कम है लेकिन इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व काफी ज्यादा है. जो मंदिर आज भी बचे हुए हैं वे सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं बल्कि दो प्राचीन सभ्यताओं के इतिहास के प्रतीक हैं.

Author : स्पर्श गोयल

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