यूपी के चर्चित IAS रिंकू सिंह राही इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार अपना आक्रामक रवैया अपनाए हुए हैं. बुधवार को वह उरई नगर पालिका की जांच करने पहुंचे थे लेकिन, ईओ और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट में इस बात को लेकर बहस शुरु हो गई. रिंकू सिंह राही ने जाँच के लिए मांगे अभिलेखों को उपलब्ध नहीं कराने पर सवाल किया जिस पर ईओ ने कहा कि जांच अधिकारी बदल गए हैं सक्षम अधिकारी को अभिलेख उपलब्ध करा दिए जाएंगे.
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्रों को लेकर भी चर्चा शुरु नहीं हुई. लेकिन, सहमति नहीं बनी और फिर ईओ पालिका से निकल गए और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने अपनी जांच शुरु कर दी. इसी, बीच वहां पर काफी गहमा गहमी का माहौल रहा.
रिंकू राही और ईओ में हुई बहस
दरअसल, उरई नगर पालिका परिषद के बीजेपी सभासदों ने पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमिताओं को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए IAS अफसर रिंकू सिंह राही से जांच कराने की मांग की थी. उस दौरान रिंकू सिंह जालौन के SDM पद पर तैनात थे. लेकिन, कोल्ड स्टोर में हुए विवाद के बाद उन्हें एसडीएम न्यायिक उरई बना दिया गया.
इसके बाद भी IAS रिंकू सिंह राही ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से अभिलेख उपलब्ध कराने को लेकर पत्रावली की थी और उसे अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर वायरल भी किया. इसके बाद उन्होंने पत्र के माध्यम से यह भी बताया था कि अगर नगर पालिका प्रशासन के द्वारा पत्र उपलब्ध नही कराए तो 29 जुलाई को वो नगर पालिका में कार्यवाही करते हुए अभिलेखों का जब्तीकरण कर लेंगे. तय तारीख के मुताबिक, वह जांच के लिए नगर पालिका पहुंच गए, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही कक्षों पर ताले लग चुके थे.
10 जून से शुरू हुआ जांच का खेल
मामला, 10 जून से शुरु होता है उरई नगर पालिका के करीब 12 से ज्यादा सभासदों ने नगर पालिका परिषद उरई के अधिशासी अधिकारी के भ्रष्टाचार तानाशाही के खिलाफ शिकायती पत्र दिया और कार्यवाही न होने पर उन्होंने सामूहिक इस्तीफे की बात कही. इसके बाद 20 जून को उन्होंने दोबारा डीएम को शिकायती पत्र देते हुए नगर पालिका परिषद, उरई में निविदाओं, आउटसोर्सिंग एजेन्सियों एवं भुगतान संबंधी अनियमितताओं की जांच कर कार्यवाही की जाने के मांग रखी.
इन्हीं प्रकरणों की जांच डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह को सौंपी गई थी, जिसको लेकर उन्होंने 29 जुलाई का दिन तय किया और फिर नगर पालिका परिषद पहुंच गए. इस बीच ईओ ने रिंकू सिंह राही से जांच समिति में नामित न होने का हवाला दिया.
अतीक अहमद के साम्राज्य पर बड़ी चोट, 1.10 अरब की बेनामी संपत्ति कुर्क
IAS रिंकू सिंह राही और ईओ बीच तकरार
वहीं, ईओ नगर पालिका का कहना था कि जांच से जुड़े जो अभिलेख थे उन्हें समिति के अध्यक्ष को उपलब्ध कराया जा चुका है, लेकिन IAS रिंकू सिंह राही का कहना था कि अगर जिलाधिकारी का कोई पत्र आपके पास उपलब्ध हो तो उसे दिखा दें. इतना ही नहीं उन्होंने ईओ से यह तक कह डाला कि आप मुझसे मिलने नहीं बल्कि सेटिंग करने आए थे.
इसके बाद रिंकू सिंह राही ने सख्त तेवर के साथ अपनी जांच शुरु कर दी उन्होंने प्राइवेट व्यक्तियों के साथ हर पटल का निरीक्षण कर डाक्यूमेंट की स्कैनिंग कराई. इस दौरान उन्होंने वहां पर मौजूद कर्मियों से पूछताछ भी की.
ताला बंद करके भागे कर्मचारी
करीब, 3 घंटों तक चली इस जांच के दौरान ईओ मौके पर मौजूद मिले. लेकिन, बाद में अभिलेख उपलब्ध न कराने की असमर्थता जताते हुए वह परिसर से निकल गए. हालांकि, इस दौरान प्रकाश विभाग, नजूल, निर्माण विभाग सफाई निरीक्षण कक्ष बंद मिले. स्थानीय लोगों का कहना था कि जांच में सहयोग करने के बजाय कर्मी ताला लगाकर क्यों भाग निकले?
जांच को लेकर बोले IAS रिंकू सिंह राही
मीडिया से रूबरू होते हुए IAS रिंकू सिंह राही ने कहा कि फिलहाल, इस जांच से जुड़े अभिलेखों को एकत्रित करने आए हैं. उन्होंने बताया कि जो अभिलेख RTI के तहत जो डॉक्यूमेंट मागें गए हैं. उन्हीं कागजातों को फोटो ली जा रही है. उन्होंने जांच को लेकर कहा है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में जांच सौंपी गई थी इसीलिए वह जांच करने आए हैं.
'अमित शाह दोषी नहीं तो मुलायम सिंह भी नहीं', गोली चलने के आरोप पर बोली सपा
Author : प्रवीण द्विवेदी, जालौन

