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जम्मू-कश्मीर: शहीद जवानों के परिवारों को मिली नौकरी, LG ने सौंपा नियुक्ति पत्र

जम्मू-कश्मीर: शहीद जवानों के परिवारों को मिली नौकरी, LG ने सौंपा नियुक्ति पत्र

म्मू-कश्मीर में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए सभी जवानों के परिवारों का ख्याल रखने के सरकार के वादे और संकल्प को पूरा करते हुए, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को J&K पुलिस के दो शहीद जवानों के परिजनों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे.

आज राजभवन में जिन दो लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए, उनमें J&K पुलिस इंस्पेक्टर मसरूर अली वानी की पत्नी इंशा नज़ीर और J&K पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के बेटे अबसार आशिक कुरैशी शामिल थे. इंस्पेक्टर वानी 2023 में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए थे, जबकि हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पिछले महीने ही आतंकवादियों की गोली लगने से शहीद हो गए थे.

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LG ने शहादत को किया नमन

LG मनोज सिन्हा ने हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की सर्वोच्च शहादत को नमन किया, जो 22 जुलाई 2026 को अनंतनाग में एक आतंकी हमले के दौरान ड्यूटी पर शहीद हुए थे. उन्होंने परिवार को प्रशासन की ओर से हर संभव मदद और सहयोग का भरोसा दिलाया. पिछले हफ्ते, उपराज्यपाल ने शहीद के परिवार के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए बडगाम जिले के बीरवाह इलाके के लालपोरा में उनके घर का दौरा भी किया था.

इंस्पेक्टर मसरूर अली वानी को आतंकियों ने मारी थी गोली

इसी तरह इंस्पेक्टर मसरूर अली वानी को 29 अक्टूबर 2023 को श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में ईदगाह मैदान में स्थानीय युवाओं के साथ क्रिकेट खेलते समय लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक आतंकवादी ने गोली मार दी थी. मसरूर ने 39 दिनों तक मौत से जंग लड़ी. पहले उनका इलाज सौरा के SKIMS अस्पताल और पारस अस्पताल जैसे स्थानीय अस्पतालों में हुआ, और फिर उन्हें एयरलिफ्ट करके नई दिल्ली के AIIMS ले जाया गया.

नियुक्ति पत्र देते समय मौजूद से थे दोनों शहीद परिवार

इंस्पेक्टर मसरूर अली वानी को गोली लगने से हुए गंभीर घावों और उसके बाद छाती में हुए संक्रमण के कारण 7 दिसंबर 2023 को निधन हो गया. मौत के समय इंस्पेक्टर वानी की उम्र सिर्फ 34 साल थी और उनकी पत्नी गर्भवती थीं. आज नियुक्ति पत्र सौंपे जाते समय दोनों शहीदों के परिवार मौजूद थे.

उपराज्यपाल ने शहीदों को किया नमन

LG ने इंस्पेक्टर मसरूर अली वानी और आशिक हुसैन कुरैशी की सर्वोच्च शहादत को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की. यह नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर की गई थी, जो ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों के आश्रितों की मदद करने के सरकार के संकल्प का हिस्सा है.

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Author : आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़

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